वायुसेना की 'तरंग शक्ति' की रफ्तार, आसमान में दिखा साझेदारी का दम
नई दिल्ली, 2 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारतीय वायुसेना द्वारा बहुराष्ट्रीय हवाई अभ्यास 'तरंग शक्ति 2026' आयोजित किया जा रहा है। इस अभियान में विभिन्न देशों की वायुसेनाओं की गतिविधियां तेजी से आगे बढ़ रही हैं। राजस्थान के जोधपुर में चल रहे इस अभ्यास में भारत के साथ कई देशों की वायुसेनाएं हिस्सा ले रही हैं। इसका मुख्य उद्देश्य संयुक्त हवाई अभियानों के जरिए आपसी तालमेल, अनुभव साझा करने और एक-दूसरे की संचालन प्रक्रियाओं को समझने का अवसर देना है।
इस बार अमेरिकी एफ-35 लड़ाकू विमानों की भागीदारी भी खास आकर्षण है। छह एफ-35 विमानों के साथ अमेरिकी वायुसेना अभ्यास में शामिल है। भारतीय वायुसेना के साथ एफ-35 की किसी अभ्यास में यह पहली भागीदारी है। यही कारण है कि एफ-35ए की भारत में इस अभ्यास के दौरान भागीदारी विशेष रूप से उल्लेखनीय है। यह विमान पहले भारत में एयरो शो के दौरान दिखाई दे चुका है, लेकिन 'तरंग शक्ति' में इसकी सैन्य अभ्यास के रूप में पहली भागीदारी हुई है।
यहां विभिन्न अभ्यास केवल विमानों की उड़ानों तक सीमित नहीं है। इसमें वायु दलों, अभियान योजनाकारों और जमीन पर काम करने वाले कर्मियों के बीच पेशेवर संवाद भी हो रहा है। इसके अलावा संगोष्ठी, औद्योगिक भ्रमण, विरासत स्थलों का दौरा, योग और अन्य गतिविधियों के जरिए भाग लेने वाले देशों के कर्मियों को एक-दूसरे को करीब से समझने का अवसर मिल रहा है।
अभ्यास की खास तस्वीर जमीन और आसमान दोनों जगह दिखाई दे रही है। विभिन्न देशों के वायु योद्धा यहां आपस में संवाद व संपर्क कर रहे हैं। वायुसेना के अधिकारी अनुभव साझा करने के साथ ही पेशेवर संबंध भी मजबूत कर रहे हैं। वहीं, दूसरी ओर भारतीय आसमान में अलग-अलग देशों के लड़ाकू विमान तेज गति से उड़ान भरते हुए संयुक्त प्रशिक्षण अभियानों में हिस्सा ले रहे हैं। 'साझेदारी में शक्ति' यानी पावर इन पार्टनरशिप इस अभ्यास की मुख्य भावना है।
भारतीय वायुसेना के साथ ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, संयुक्त अरब अमीरात, फ्रांस, जर्मनी, श्रीलंका और बांग्लादेश की वायुसेनाएं अभ्यास में शामिल हैं। विभिन्न देशों के लड़ाकू, परिवहन और हवा में ईंधन भरने वाले विमान इसमें हिस्सा ले रहे हैं। 26 सितंबर से शुरू हुआ यह अभ्यास 12 अक्टूबर तक जारी रहेगा।
इस दौरान 'तरंग शक्ति 2026' में अलग-अलग देशों के विमान एक साथ प्रशिक्षण ले रहे हैं। ऐसे में अगले कुछ दिन भी आसमान में तेज उड़ानों, संयुक्त अभियानों और अंतरराष्ट्रीय सैन्य सहयोग की तस्वीर पेश करने वाले होंगे। तरंग शक्ति 2026 का संदेश साफ है, साझेदारी में ही शक्ति है। यानी जमीन पर दोस्ती, आसमान में उड़ान और हर मिशन में तालमेल।
--आईएएनएस
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