वाराणसी में जलभराव को लेकर एके शर्मा सख्त, बोले-नालों में बोरी डालने वालों पर एफआईआर
वाराणसी, 13 सितंबर (आईएएनएस)। वाराणसी में जलभराव और नगरीय व्यवस्थाओं को लेकर शहरी विकास और ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में शहर की साफ-सफाई, जल निकासी, बिजली व्यवस्था और बारिश के दौरान सामने आने वाली समस्याओं पर विस्तार से चर्चा हुई। इससे पहले मंत्री ने फील्ड विजिट कर अलग-अलग इलाकों में सफाई व्यवस्था और जलभराव की स्थिति का जायजा भी लिया था।
एके शर्मा ने आईएएनएस से बात करते हुए बताया कि काशी में नगरीय प्रबंधन और विद्युत व्यवस्था को लेकर अधिकारियों के साथ समीक्षा की गई है। ज्यादातर इलाकों में साफ-सफाई और जल निकासी की व्यवस्था संतोषजनक है, लेकिन कुछ ऐसे स्थान अब भी हैं, जहां हर साल जलभराव की समस्या सामने आती है। अधिकारियों को ऐसे सभी स्थानों को चिन्हित करने के निर्देश दिए गए हैं।
मंत्री ने कहा कि सिर्फ बारिश के समय पानी निकाल देना इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं है। जिन इलाकों में परंपरागत रूप से जलभराव होता है, वहां इंजीनियरिंग के आधार पर समाधान तलाशना होगा। जरूरत के हिसाब से वहां ऐसी व्यवस्था बनाई जाएगी, जिससे आने वाले समय में लोगों को बार-बार जलभराव की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि इसके लिए जितने धन की जरूरत होगी, उसकी व्यवस्था की जाएगी और काशी को हमेशा के लिए जलभराव की समस्या से मुक्त करने का प्रयास किया जाएगा।
इस बीच नालों में प्लास्टिक की बोरियां डालकर जल निकासी बाधित करने को लेकर सामने आए वीडियो को लेकर एके शर्मा ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि उन्होंने खुद ऐसे वीडियो और तस्वीरें देखी हैं, जिनमें बड़े नालों में नई प्लास्टिक की बोरियां दिखाई दे रही हैं। इन बोरियों में नई गिट्टी भरकर उन्हें नालों में डाला गया था।
एके शर्मा ने आरोप लगाया कि इस तरह नालों के प्रवाह को रोकने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि अगर नाले का पानी रुकता है तो जलभराव होगा और इससे स्वाभाविक तौर पर लोगों को परेशानी होगी। मंत्री ने इसे काशी और प्रदेश की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला कृत्य बताया और ऐसे प्रयासों की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि उन्हें इसमें राजनीति नजर आती है।
मंत्री के मुताबिक नगर निगम की ओर से इस मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई गई है। उन्होंने कहा कि कई जगहों पर इस तरह की कोशिश किए जाने की जानकारी सामने आई है। अब पुलिस मामले की जांच करेगी और यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि नालों में अवरोध पैदा करने के पीछे कौन लोग हैं।
एके शर्मा ने कहा कि काशी एक ऐतिहासिक और धार्मिक नगरी है, जहां देश-दुनिया से लोग आते हैं। ऐसे में शहर की साफ-सफाई और जल निकासी व्यवस्था को बेहतर रखना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक बारिश के कारण जल निकासी एक चुनौती हो सकती है, लेकिन जानबूझकर नालों में अवरोध पैदा करना किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
--आईएएनएस
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