वैश्विक सुपर मार्केट ईवू ने करिश्मा कैसे रचा?
बीजिंग, 3 जुलाई (आईएएनएस)। फीफा विश्व कप अब धूमधाम से चल रहा है। प्रतियोगिता स्टेडियम के बाहर खिलौने और कपड़े जैसे वस्तुओं की बिक्री भी तेजी पर है। आप को शायद पता नहीं है कि इन वस्तुओं का लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा चीन के छोटे शहर ईवू से आता है।
ईवू दक्षिण पूर्वी चीन के चच्यांग प्रांत में स्थित है। चालीस साल पहले यह एक गरीब काउंटी शहर हुआ करता था। लेकिन अब वह विश्व में सब से बड़ा थोक बाजार बन गया है। विश्व भर के खरीदार व्यापारी यहां आते हैं। उनकी नजर में यह वैश्विक सुपर बाजार की तरह है।
आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2026 की शुरुआत में ईवू के छोटे माल बाजार में व्यापार ईकाइयों की संख्या 12 लाख 60 हजार से अधिक थी और प्रतिदिन ग्राहकों की औसत संख्या करीब 3 लाख थी। यहां से 21 लाख से अधिक किस्मों वाली छोटी वस्तुएं विश्व के 230 से अधिक देशों व क्षेत्रों को बेची जाती हैं।
चांग त्सुपिंग वर्ष 2017 से यहां गाड़ी और फर्निचर के मरम्मत उपकरणों का व्यापार कर रही हैं। अब उनकी कंपनी पूरी व्यावहारिक चेन का उत्पादन, अनुसंधान व विकास, प्रमोशन करती है। उनकी एक दुकान के पीछे सात कारखाने हैं और 20 से अधिक देशों में एजेंट व्यापारी होते हैं।
ईवू में चीमिंगशान नागरिक कॉलोनी संयुक्त राष्ट्र कॉलोनी के नाम से मशहूर है। यहां 1400 से अधिक विदेशी लोग रहते हैं, जो 74 देशों और क्षेत्रों से आते हैं। यहां रहने वाले विदेशी व्यापारियों ने कहा कि ईवू एक समावेशी जगह है और सपनों को पूरा करने की इच्छा रखने वाले लोगों का स्वागत करता है।
इस शताब्दी की शुरूआत में तत्कालीन सीपीसी चच्यांग प्रांत समिति के सचिव शी चिनफिंग निरीक्षण के लिए कई बार ईवू आए। उन्होंने ईवू के विकास के अनुभव का सार करते समय कहा था कि यह जगह समुद्र और सीमा के पास नहीं है, फिर भी कैसे एक वैश्विक व्यापार केंद्र बन गया? क्योंकि ईवू के लोग शून्य से बहुत कुछ बना सकते हैं और पत्थर को सोने में बदल सकते हैं। उनका अर्थ था कि ईवू लोग पहल करने और सृजन करने की भावना रखते हैं।
वास्तव में ईवू का विकास चीन के विकास का एक लघु चित्र है। चीन का करिश्मा जनता और सरकार की मेहनती, सृजन और अडिग संकल्प पर निर्भर है।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
--आईएएनएस
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