'वही कर रहे जहर फैलाने का काम', सपा सांसद के 'बहुसंख्यक जहरीला' वाले बयान की भाजपा और कांग्रेस नेताओं ने की निंदा
लखनऊ, 15 जून (आईएएनएस)। समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद जावेद अली ने देश के बहुसंख्यक को 'जहरीला' बताकर राजनीतिक विवाद खड़ा किया है। भाजपा और कांग्रेस नेताओं ने जावेद अली के बयान की कड़ी निंदा की है। जगदंबिका पाल ने कहा कि असल में वही लोग (सपा सांसद) जहर फैलाने और बांटने की कोशिश कर रहे हैं।
समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद जावेद अली की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए बीजेपी सांसद जगदंबिका पाल ने आईएएनएस से कहा, "इससे दुर्भाग्यपूर्ण और क्या बयान हो सकता है। अगर वे देश के बहुसंख्यक समाज को 'जहर' कह रहे हैं, तो असल में वही लोग जहर फैलाने और बांटने की कोशिश कर रहे हैं।"
भाजपा सांसद ने कहा, "वे (सपा नेता) अब भी कोई सबक नहीं सीख रहे हैं। पश्चिम बंगाल की धरती पर ममता बनर्जी भी ऐसी ही भाषा का इस्तेमाल करती थीं, लेकिन वहां की जनता ने उनकी सरकार को उखाड़ फेंका। आज उनकी पार्टी पश्चिम बंगाल में बिखर रही है। मुझे लगता है कि आने वाले दिनों में उत्तर प्रदेश की जनता भी ऐसे बयान देने वालों को सबक सिखाएगी, चाहे वह ओवैसी हों, समाजवादी पार्टी हो या कोई और।"
उन्होंने सपा पर हमला जारी रखते हुए कहा, "सपा कोई पार्टी या विचारधारा नहीं है, बल्कि यह जातिवाद और परिवार की एक पार्टी है। निश्चित रूप से देख की जनता भी जानती है कि 'काठ की हांड़ी एक बार चढ़ सकती है, बार-बार नहीं चढ़ सकती है।'"
वहीं, भाजपा नेता रोहन गुप्ता ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "हमेशा समाजवादी पार्टी, कांग्रेस या इंडी गठबंधन का नेता हिंदू या हिंदुत्व पर बयान देता मिलेगा, क्योंकि यह उनकी राजनीति का मुख्य बिंदु बन चुका है। उनको लगता है कि वे हिंदुओं को गाली देंगे तो उनके वोटबैंक की रक्षा हो जाएगी और वे सुर्खियों में आ जाएंगे। मगर ऐसा संभव नहीं है।"
रोहन गुप्ता ने कहा कि 'ऐसे नेता (विपक्षी नेताओं) को किसी ने लाइसेंस नहीं दिया है कि वे हिंदू या हिंदुत्व के ऊपर कमेंट करें। आप अपने नैरेटिव को जनता के बीच ले जा सकते हैं। लेकिन जब तक आप नफरत की राजनीति करते रहेंगे, हिंदू और हिंदुत्व पर हमला करते रहेंगे, भाजपा उसका विरोध करेगी। इसलिए हम कहते हैं कि हम किसी दल के खिलाफ नहीं हैं। हम तुष्टिकरण के खिलाफ हैं। यही तुष्टिकरण है कि हिंदुओं को गाली दो और अपनी राजनीति की दुकान चलाओ, मगर यह राजनीति अब नहीं चलेगी।"
भाजपा के अलावा कांग्रेस के सांसद ने भी जावेद अली के बयान की आलोचना की है। उन्होंने कहा, "यह बहुत गलत शब्दावली है। अगर बड़ी संख्या में बहुसंख्यक समुदाय धर्मनिरपेक्ष न होता, तो देश का सामाजिक ताना-बाना ही बिगड़ जाता। आप कुछ लोगों की हरकतों की वजह से ऐसा बयान नहीं दे सकते। यह गलत बयान है।"
--आईएएनएस
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