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वाहन चोरी गैंग का पर्दाफाश, दो शातिर गिरफ्तार, यमुना डूब क्षेत्र की झाड़ियों में छिपाकर रखते थे वाहन

 

नोएडा, 30 अप्रैल (आईएएनएस)। नोएडा के थाना सेक्टर-126 पुलिस ने वाहन चोरी की घटनाओं का सफल खुलासा करते हुए दो शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे और निशानदेही पर चोरी की एक स्कूटी, एक मोटरसाइकिल, घटना में प्रयुक्त एक अन्य स्कूटी तथा अवैध शस्त्र भी बरामद किए हैं। इस कार्रवाई से क्षेत्र में सक्रिय वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश हुआ है।

पुलिस के अनुसार, पीड़ित द्वारा स्कूटी चोरी की शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद थाना सेक्टर-126 में मामला पंजीकृत किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीमों का गठन किया गया और जांच शुरू की गई। जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, जिनमें दो संदिग्ध व्यक्ति स्कूटी ले जाते हुए दिखाई दिए। इसके बाद पुलिस ने मैनुअल इंटेलिजेंस और गोपनीय सूचना के आधार पर 29 अप्रैल को सेक्टर-94 नोएडा क्षेत्र से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान कैलाश सिंह बघेल (26 वर्ष) और कार्तिक बाजपेई (21 वर्ष) के रूप में हुई है। पूछताछ में दोनों ने वाहन चोरी की कई घटनाओं को अंजाम देने की बात स्वीकार की है। पुलिस ने इनके कब्जे से चोरी की स्कूटी, एक मोटरसाइकिल, घटना में इस्तेमाल की गई स्कूटी और एक .315 बोर का अवैध तमंचा व दो जिंदा कारतूस बरामद किए हैं।

जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी बेहद सुनियोजित तरीके से वाहन चोरी करते थे। वे पहले ऐसे स्थानों की रेकी करते थे, जहां वाहन बिना लॉक के खड़े होते थे। इसके बाद एक आरोपी चोरी किए जाने वाले वाहन पर बैठ जाता था, जबकि दूसरा अपनी स्कूटी से पैर के सहारे धक्का देकर वाहन को बिना स्टार्ट किए वहां से ले जाता था। इस तरीके से किसी को संदेह नहीं होता था। चोरी किए गए वाहनों को तुरंत बेचने के बजाय यमुना डूब क्षेत्र की झाड़ियों में छिपाकर रखा जाता था और बाद में अवसर मिलने पर उन्हें बेच दिया जाता था।

पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी कैलाश सिंह बघेल अपने पास अवैध हथियार रखता था, ताकि विरोध की स्थिति में लोगों को डराकर आसानी से फरार हो सके। दोनों आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है, जिसमें कई चोरी और आर्म्स एक्ट से जुड़े मामले दर्ज हैं। फिलहाल, पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायालय में पेश कर दिया है। साथ ही गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और चोरी के अन्य मामलों की भी जांच की जा रही है।

--आईएएनएस

पीकेटी/डीकेपी