वडोदरा की कवि दुला काग सरकारी प्राथमिक शाला में प्रवेश की सभी सीटें फुल, हर वर्ष रहती है लंबा वेटिंग लिस्ट
गांधीनगर, 23 जून (आईएएनएस)। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मार्गदर्शन में गुजरात सरकार के शिक्षा विभाग द्वारा 23 जून से 25 जून के दौरान राज्यव्यापी शाला प्रवेशोत्सव कार्यक्रम आयोजित हो रहा है। प्राथमिक विद्यालयों में प्रवेश योग्य एक भी बच्चा शिक्षा के अधिकार से वंचित न रहे, इस उम्दा उद्देश्य के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2003 में गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री के रूप में शाला प्रवेशोत्सव और कन्या केलवणी (शिक्षा) रथयात्रा कार्यक्रम की शुरुआत की थी।
यह कार्यक्रम नन्हें बच्चों को शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ता है। यद्यपि, शाला प्रवेशोत्सव शुरू हो, उससे पहले ही वडोदरा की कवि दुला काग सरकारी प्राथमिक शाला में प्रवेश के लिए उपलब्ध सभी सीटें भर गई हैं और शाला के मुख्य द्वार के बाहर 'नो एडमिशन' अर्थात प्रवेश बंद, का बोर्ड लगा दिया गया है।
जब गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की बात आती है, तब सामान्यतः केवल निजी विद्यालयों का ही नाम लिया जाता है, परंतु वडोदरा की कवि दुला काग प्राथमिक शाला सरकारी शिक्षा क्षेत्र में उत्कृष्टता का अनूठा उदाहरण बनी है। वर्ष 2010 में स्थापित तथा नगर प्राथमिक शिक्षा समिति द्वारा संचालित इस स्कूल ने अपने निरंतर अच्छे शैक्षणिक प्रदर्शन, आधुनिक ढांचागत सुविधाओं और विद्यार्थियों के विकास के सर्वांगीण दृष्टिकोण के लिए प्रतिष्ठा प्राप्त की है। शाला की इन उपलब्धियों के कारण इसे गुजरात सरकार द्वारा शुरू की गई पीएम श्री (प्राइम मिनिस्टर्स स्कूल फॉर राइजिंग इंडिया) योजना में भी शामिल किया गया है।
कवि दुला काग सरकारी प्राथमिक शाला में अग्रणी निजी विद्यालयों के समकक्ष आधुनिक ढांचागत सुविधाएं उपलब्ध हैं। तीन भवनों, 24 कक्षाओं (क्लासरूम्स) और 1,700 से अधिक विद्यार्थियों वाली इस शाला में एयर-कंडीशंड कंप्यूटर एवं विज्ञान प्रयोगशालाएं, आधुनिक पुस्तकालय, इंटरेक्टिव पैनल से सज्ज स्मार्ट क्लासरूम्स, खेल का मैदान, औषधीय वनस्पति उद्यान तथा एक हरित एवं सुव्यवस्थित कैम्पस जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। पीएम श्री विद्यालय का दर्जा मिलने के बाद शाला की सुविधाओं में और वृद्धि होगी। इसके अतिरिक्त, शाला को नौ अतिरिक्त क्लासरूम्स भी आवंटित किए गए हैं, जिससे इसकी विद्यार्थी क्षमता 2,000 से अधिक होने की अपेक्षा है।
शैक्षणिक दृष्टि से देखें, तो इस प्राथमिक विद्यालय ने सरकारी मूल्यांकन में नियमित रूप से उच्च ग्रेड प्राप्त किए हैं। साथ ही नेशनल मीन्स-कम-मैरिट स्कॉलरशिप (एनएमएमएस), पीएसई, सीईटी और ज्ञान साधना जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में इसके विद्यार्थियों ने उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। इस शाला की शिक्षा का लाभ लेने के लिए हर वर्ष प्रवेश प्राप्त करने की भारी मांग रहती है और विद्यार्थियों की लंबी वेटिंग लिस्ट देखने को मिलती है, जो इस संस्थान में अभिभावकों द्वारा व्यक्त किए गए विश्वास को दर्शाता है। कवि दुला काग प्राथमिक शाला विद्यार्थियों में सॉफ्ट स्किल्स तथा नेतृत्व के गुण विकसित करने पर भी विशेष बल देती है। पीएम श्री योजना में शामिल होने के बाद अब शाला विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए और सक्षम बनेगी।
कवि दुला काग प्राथमिक शाला में बच्चों को शिक्षा के साथ खेल-कूद तथा कला के क्षेत्र में भी प्रोत्साहन देकर उनका सर्वांगीण विकास सुनिश्चित किया जाता है। खेल महाकुंभ तथा जिला, राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर की विभिन्न प्रतियोगिताओं में स्कूल के विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। खो-खो, लंगड़ी, रोप मल्लखंभ तथा अन्य खेलों में विद्यार्थियों ने गुजरात का प्रतिनिधित्व कर अनेक पदक एवं सम्मान प्राप्त किए हैं। पीएम श्री शाला अंतर्गत समाविष्ट होने के बाद कवि दुला काग प्राथमिक शाला को अलग से स्पोर्ट्स शिक्षक उपलब्ध होगा, जो विद्यार्थियों को अधिक अच्छा प्रशिक्षण देने में सहायक होगा। इसके साथ ही; स्कूल विद्यार्थियों को तीरंदाजी (आर्चरी), एथलेटिक्स सहित अन्य खेलों में भी राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर श्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए तैयार कर रहा है।
इस शाला ने अनूठी 'बाल संसद' पहल शुरू की है, जो विद्यार्थियों में लोकतांत्रिक मूल्यों, नेतृत्व क्षमता और जिम्मेदारी की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। बाल संसद के विद्यार्थी मध्याह्न भोजन, प्रार्थना, स्वच्छता, बगीचा, स्वास्थ्य, जल प्रबंधन, बुलेटिन बोर्ड आदि विभिन्न समितियों में अपना योगदान देते हैं। इस व्यवस्था द्वारा विद्यार्थी अपनी जिम्मेदारियां सक्रिय रूप से निभाकर शाला के प्रबंधन में सहभागी बनते हैं। इसके अतिरिक्त, सप्ताह के दौरान समितियों के बीच प्रतियोगिताएँ आयोजित की जाती हैं और श्रेष्ठ कार्य करने वाली समिति को सर्वाधिक स्टार्स दिए जाते हैं। यह प्रक्रिया विद्यार्थियों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करती है तथा शाला के विकास के लिए रचनात्मकता को प्रोत्साहन देती है।
कला महाकुंभ में वर्ष 2018 से 2025 तक शाला की बेटियों (छात्राओं) ने रास-गरबा प्रतियोगिता में तहसील, जिला और राज्य स्तर पर शीर्ष स्थान प्राप्त किया है। विवाह गीत जैसी अन्य प्रतियोगिताओं में भी शाला की छात्राएँ विजेता बनी हैं। पीएम श्री शाला के रूप में अब शाला को संगीत शिक्षक का भी आवंटन होगा, जिससे स्कूल के बच्चे संगीत प्रतियोगिताओं के लिए भी तैयार होंगे।
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, शिक्षा राज्य मंत्री रिवाबा जाडेजा, पूर्व शिक्षा मंत्री प्रफुलभाई पानशेरिया एवं कुबेर डिंडोर ने भी शाला के उत्कृष्ट प्रयासों का संज्ञान लिया है। इसके अतिरिक्त वरिष्ठ नेता एवं महानुभाव भी समय-समय पर इस विद्यालय का दौरा कर शिक्षकों व विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करते हैं। हाल ही में ब्रिक्स के प्रतिनिधि ने भी शाला का दौरा किया था। पीएम श्री योजना अंतर्गत शाला को और बल मिलेगा तथा वह नए संसाधनों एवं अवसरों के साथ विकसित भारत के निर्माणकर्ताओं को तैयार करने में उल्लेखनीय योगदान देगी।
--आईएएनएस
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