वडोदरा की कलाकार शाहेना गांधी ने पीएम मोदी को भेंट की अनूठी कलाकृति, प्रधानमंत्री ने की सराहना
वडोदरा, 2 नवंबर (आईएएनएस)। गुजरात के वडोदरा की कलाकार शाहेना गांधी ने अपनी अनूठी कला के जरिए देश का गौरव बढ़ाया है। अगेट यानी अकीक पत्थरों से आकर्षक कलाकृतियां बनाने वाली शाहेना गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को राष्ट्रीय एकता दिवस की परेड और स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को दर्शाने वाली विशेष कलाकृति भेंट की। हजारों प्राकृतिक रंगों वाले अगेट पत्थरों से तैयार इस कलाकृति को बनाने में उन्हें करीब दो सप्ताह का समय लगा। प्रधानमंत्री ने उनकी इस भेंट को सहर्ष स्वीकार किया और उनके काम की सराहना की।
30 अक्टूबर को 'भारत पर्व 2026' के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने शाहेना गांधी के स्टॉल का दौरा किया था। इसी दौरान उन्होंने उनकी कलाकृतियों को देखा और राष्ट्रीय एकता दिवस पर आधारित विशेष कलाकृति भेंट की गई। इस कलाकृति में परेड का दृश्य, पीछे दिखाई देने वाली स्टैच्यू ऑफ यूनिटी और आसपास का खूबसूरत प्राकृतिक परिदृश्य दर्शाया गया है। कलाकार ने इसे राष्ट्रीय एकता दिवस पर आयोजित परेड से प्रेरित होकर तैयार किया था।
शाहेना गांधी ने बताया कि वह पिछले 40 वर्षों से अगेट पत्थरों से कलाकृतियां बना रही हैं। इस दौरान उन्होंने करीब 500 से 600 कलाकृतियां तैयार की हैं। उन्होंने कहा कि यह कला बेहद बारीक काम है और इसमें इस्तेमाल होने वाले अगेट पत्थरों के छोटे-छोटे टुकड़ों को अलग से रंग नहीं दिया जा सकता। इसलिए कलाकृति बनाने में पत्थरों के प्राकृतिक रंगों का ही इस्तेमाल किया जाता है।
उन्होंने बताया कि कलाकृतियों को तैयार करने में लगने वाला समय उनकी डिजाइन और बारीकी पर निर्भर करता है। जितनी अधिक डिटेलिंग होती है, उतना ही ज्यादा समय लगता है। उनकी बनाई कलाकृतियों की कीमत करीब 5 हजार रुपए से लेकर 5 लाख रुपए तक है।
शाहेना गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी से अपनी पहली मुलाकात का अनुभव भी साझा किया। उन्होंने बताया कि इससे पहले उन्होंने अगेट पत्थरों से भारत का नक्शा तैयार किया था और प्रधानमंत्री को दिखाया था। प्रधानमंत्री ने उस कलाकृति की काफी सराहना की थी, लेकिन बड़ा आकार होने के कारण उन्होंने उसे भेंट के रूप में स्वीकार नहीं किया था। उस समय उन्होंने कहा था कि जब वह कोई अलग और विशेष कलाकृति बनाएंगी, तब वह उसे स्वीकार करेंगे। इसके बाद 2026 में सेंट्रल कॉटेज इंडस्ट्री के मंच के माध्यम से उन्हें प्रधानमंत्री से दोबारा मिलने का अवसर मिला। इस बार उन्होंने राष्ट्रीय एकता दिवस की परेड पर आधारित कलाकृति तैयार की, जिसे प्रधानमंत्री ने स्वीकार कर लिया।
शाहेना गांधी ने बताया कि उन्हें गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में स्थान इसलिए मिला, क्योंकि वह इस तरह की कला को तैयार करने वाली पहली कलाकार हैं। उन्होंने कहा कि रिकॉर्ड देने से पहले यह जांच की गई थी कि दुनिया में कोई और इस तरह का काम करता है या नहीं। इसके बाद उन्हें यह सम्मान दिया गया। उन्होंने इसे अपने और पूरे परिवार के लिए गर्व का क्षण बताया। उन्होंने आगे कहा कि यह कला उन्हें अल्लाह की देन है और उन्होंने इसे कहीं से सीखा नहीं है। उनके इस काम में परिवार भी पूरा सहयोग करता है। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा उनकी कलाकृति स्वीकार किए जाने को उन्होंने पूरे परिवार के लिए बेहद खास उपलब्धि बताया।
--आईएएनएस
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