उत्तराखंड में बनेगा ‘अग्निवीर रोजगार सेल’, सेवामुक्त जवानों को मिलेगा रोजगार और मार्गदर्शन
देहरादून, 25 अगस्त (आईएएनएस)। उत्तराखंड सरकार ने सेवामुक्त होकर लौटने वाले अग्निवीरों के लिए बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जानकारी दी कि राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में ‘अग्निवीर रोजगार सेल’ की स्थापना को मंजूरी दी गई है। इस सेल का उद्देश्य अग्निवीरों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाना और उन्हें बेहतर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना होगा।
सीएम पुष्कर सिंह धामी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य बन गया है, जिसने सेवामुक्त होकर लौटने वाले अग्निवीरों के लिए समर्पित रोजगार सेल गठित करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि यह फैसला उन युवाओं के प्रति सम्मान, कृतज्ञता और जिम्मेदारी की भावना को दर्शाता है, जिन्होंने देश सेवा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, अग्निवीर रोजगार सेल उनकी योग्यता, कौशल और अनुभव के अनुरूप रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने में मदद करेगा। साथ ही विभिन्न विभागों, संस्थानों और निजी क्षेत्र में उपलब्ध संभावनाओं की जानकारी देने के साथ आवश्यक मार्गदर्शन और सहयोग भी प्रदान करेगा।
उन्होंने कहा कि यह पहल सेवामुक्त अग्निवीरों को नए करियर विकल्पों से जोड़ने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
कैबिनेट बैठक में एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए सरकार ने अमर बलिदानियों की प्रतिमाएं उनके पैतृक गांवों में स्थापित करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि वीर जवानों का बलिदान हमेशा देश के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगा। उनकी वीरगाथाएं आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रसेवा और देशभक्ति के लिए प्रेरित करती रहें, इसी उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है।
उन्होंने कहा कि शहीदों के गांवों में उनकी प्रतिमाएं स्थापित करना न केवल उनकी स्मृति को सम्मान देने का कार्य है, बल्कि यह उनके परिवारों के प्रति राज्य की कृतज्ञता का भी प्रतीक होगा।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शासन के वरिष्ठ अधिकारियों को प्रदेश में आवश्यक वस्तुओं के मूल्यों पर प्रभावी नियंत्रण बनाए रखने तथा आम जनता को उचित दरों पर आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि कालाबाजारी, जमाखोरी और मुनाफाखोरी के माध्यम से कृत्रिम रूप से कीमतें बढ़ाने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए।
--आईएएनएस
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