उत्तराखंड : सीएम धामी ने केंद्रीय कैबिनेट की स्मॉल हाइड्रो पावर योजना पर खुशी जताई, पीएम मोदी का आभार व्यक्त किया
देहरादून, 18 मार्च (आईएएनएस)। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल के दो महत्वपूर्ण फैसलों पर खुशी जताई और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया। ये फैसले पर्वतीय राज्यों और देश के औद्योगिक विकास के लिए ऐतिहासिक माने जा रहे हैं।
सीएम धामी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर स्मॉल हाइड्रो पावर (एसएचपी) विकास योजना का जिक्र किया। केंद्रीय कैबिनेट ने वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक इस योजना को मंजूरी दी है, जिसकी कुल लागत 2,584.60 करोड़ रुपए है। योजना के तहत लगभग 1,500 मेगावाट क्षमता की लघु जल विद्युत परियोजनाएं (1 से 25 मेगावाट) स्थापित की जाएंगी। यह योजना विशेष रूप से उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, लद्दाख और पूर्वोत्तर राज्यों जैसे पर्वतीय क्षेत्रों के लिए फायदेमंद साबित होगी।
धामी ने लिखा, "यह योजना उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होगी। यह निर्णय न केवल ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को मजबूत करेगा, बल्कि सतत और संतुलित विकास को नई गति प्रदान करेगा।" उन्होंने प्रदेशवासियों की ओर से पीएम मोदी का हार्दिक आभार जताया।
उत्तराखंड में नदियों और जल स्रोतों की प्रचुरता के कारण छोटे हाइड्रो प्रोजेक्ट्स से स्थानीय स्तर पर बिजली उत्पादन बढ़ेगा, ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन होगा और पर्यावरण संरक्षण के साथ ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित होगी। मुख्यमंत्री ने इसे दूरदर्शी पहल बताया, जो राज्य की बिजली जरूरतों को पूरा करने में मददगार साबित होगी।
एक अन्य पोस्ट में सीएम धामी ने भारत औद्योगिक विकास योजना (बीएचएवीवाईए) की सराहना की। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इस योजना को मंजूरी दी है, जिसके तहत 33,660 करोड़ रुपए की लागत से देशभर में 100 प्लग-एंड-प्ले इंडस्ट्रियल पार्क विकसित किए जाएंगे। ये पार्क निवेशकों को तैयार बुनियादी ढांचा, बिजली, पानी, सड़क और अन्य सुविधाएं प्रदान करेंगे, जिससे मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को नई ऊर्जा मिलेगी।
धामी ने लिखा, "यह महत्वाकांक्षी योजना विश्वस्तरीय औद्योगिक बुनियादी ढांचे के विकास की दिशा में ऐतिहासिक पहल है। इससे निवेश आकर्षित होगा, रोजगार के व्यापक अवसर सृजित होंगे और क्षेत्रीय संतुलित विकास को गति मिलेगी।" उन्होंने इसे 'आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प को सशक्त करने वाला बताया, जो भारत को वैश्विक औद्योगिक हब बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।
--आईएएनएस
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