यूपी चुनाव 2027 : कुशीनगर की सात सीटों पर 2022 में चला था भाजपा गठबंधन का जादू, सपा को मिली थी करारी हार
नई दिल्ली, 2 नवंबर (आईएएनएस)। पूर्वांचल के राजनीतिक रूप से अहम जिले कुशीनगर में 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा गठबंधन ने एकतरफा प्रदर्शन किया था। जिले की सात विधानसभा सीटों में से छह पर भाजपा और एक सीट पर उसकी सहयोगी निषाद पार्टी ने जीत दर्ज कर विपक्ष का लगभग सफाया कर दिया था। जिले की खड्डा, पडरौना, तमकुहीराज, फाजिलनगर, कुशीनगर, हाटा और रामकोला विधानसभा सीटों पर भाजपा गठबंधन का वर्चस्व साफ दिखाई दिया था।
सबसे चर्चित मुकाबला तमकुहीराज विधानसभा सीट पर देखने को मिला। यहां कांग्रेस के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष और बड़े नेता अजय कुमार लल्लू चुनाव मैदान में थे। हालांकि उन्हें करारी हार का सामना करना पड़ा। भाजपा के डॉ. असीम कुमार ने 1,15,123 वोट हासिल कर जीत दर्ज की जबकि समाजवादी पार्टी के उदय नारायण को 48,651 वोट मिले। अजय कुमार लल्लू 33,496 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे। डॉ. असीम कुमार ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 66,472 वोटों के बड़े अंतर से हराया।
खड्डा विधानसभा सीट पर भाजपा की सहयोगी निषाद पार्टी के विवेकानंद पांडेय ने जीत दर्ज की। उन्हें 88,291 वोट मिले। निर्दलीय प्रत्याशी विजय प्रताप कुशवाहा 46,840 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर रहे जबकि सुभासपा के अशोक चौहान 21,126 वोट पाकर तीसरे स्थान पर रहे। विवेकानंद पांडेय ने 41,451 वोटों के अंतर से जीत हासिल की।
जिले की अन्य सीटों पर भी भाजपा का प्रदर्शन प्रभावी रहा। पडरौना से मनीष जायसवाल ने 42,008 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की जबकि फाजिलनगर विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार स्वामी प्रसाद मौर्य को हार का सामना करना पड़ा था। भाजपा के सुरेंद्र कुमार कुशवाहा ने 45,014 वोटों के अंतर से विजय हासिल की।
कुशीनगर सदर सीट से पंचानंद पाठक 34,790 वोटों से विजयी रहे। वहीं हाटा सीट से मोहन वर्मा ने 59,365 वोटों के बड़े अंतर से जीत दर्ज की। अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित रामकोला सीट पर भाजपा के विनय प्रकाश गोंड ने 72,543 वोटों के अंतर से रिकॉर्ड जीत दर्ज की, जो जिले की सबसे बड़ी जीतों में शामिल रही।
राजनीतिक दृष्टि से कुशीनगर जिले में भाजपा की मजबूत पकड़ मानी जाती है। 2022 के परिणामों ने भी इस धारणा को मजबूती दी। हालांकि विभिन्न सीटों पर जातीय समीकरण हमेशा चुनावी नतीजों को प्रभावित करते रहे हैं। खड्डा क्षेत्र में निषाद और कुशवाहा मतदाताओं का प्रभाव माना जाता है जबकि तमकुहीराज में ब्राह्मण, यादव और मुस्लिम वोट अहम भूमिका निभाते हैं। फाजिलनगर व पडरौना में व्यापारी वर्ग, ब्राह्मण और अन्य पिछड़ा वर्ग प्रभावी माना जाता है। वहीं, रामकोला में अनुसूचित जाति और अन्य पिछड़े वर्ग के मतदाता चुनावी तस्वीर तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कुल मिलाकर 2022 का चुनाव कुशीनगर में भाजपा गठबंधन के लिए बेहद सफल रहा। वहीं, कांग्रेस को सबसे बड़ा राजनीतिक झटका तमकुहीराज में अजय कुमार लल्लू की हार के रूप में लगा, जिसकी चर्चा पूरे प्रदेश में हुई थी। इसके साथ ही, चर्चित नेता स्वामी प्रसाद मौर्य को भी हार का सामना करना पड़ा था।
--आईएएनएस
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