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उत्तर प्रदेश : बाराबंकी में हेरोइन तस्करी मामले में दो दोषियों को 10 साल की सजा

 

लखनऊ, 21 अक्टूबर (आईएएनएस)। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) लखनऊ जोनल यूनिट को मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। वर्ष 2017 के बाराबंकी मादक पदार्थ तस्करी मामले में अदालत ने दो आरोपियों को दोषी करार देते हुए 10-10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।

एनसीबी के अनुसार, 19 अक्टूबर को बाराबंकी के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई। दोषियों की पहचान शकील, निवासी चांदवारा, थाना सफदरगंज, जिला बाराबंकी और रामप्यारी, निवासी पल्हारी, थाना सफदरगंज, जिला बाराबंकी के रूप में हुई है।

यह मामला 27 मई 2017 का है, जब एनसीबी लखनऊ ने विशेष खुफिया सूचना के आधार पर बाराबंकी रेलवे स्टेशन पर कार्रवाई की थी। जांच के दौरान रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर मौजूद दोनों आरोपियों के कब्जे से काले रंग के बैग बरामद किए गए थे।

तलाशी में बैगों से 340 ग्राम हेरोइन और 160 ग्राम गांजा बरामद हुआ था। जांच में पता चला कि दोनों आरोपी अवध असम एक्सप्रेस से यात्रा कर रहे थे और बाराबंकी रेलवे स्टेशन पर ट्रेन से उतरे थे। पूछताछ और जांच में सामने आया कि बरामद मादक पदार्थ नागालैंड के दीमापुर से बाराबंकी लाया गया था।

मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत के समक्ष मादक पदार्थों की तस्करी की गंभीरता और समाज पर उसके दुष्प्रभावों को रेखांकित करते हुए आरोपियों को कड़ी सजा दिए जाने की मांग की। अदालत ने मामले से जुड़े साक्ष्यों और परिस्थितियों का परीक्षण करने के बाद दोनों आरोपियों को मादक पदार्थों की अवैध तस्करी का दोषी पाया और उन्हें 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई।

एनसीबी ने कहा कि यह फैसला मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ उसकी जीरो टॉलरेंस नीति को और मजबूत करता है। ब्यूरो ने दोहराया कि वह "नशामुक्त भारत" के लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध है। एनसीबी ने नागरिकों से अपील की है कि यदि उन्हें मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़ी कोई जानकारी मिले तो वे मानस राष्ट्रीय नारकोटिक्स हेल्पलाइन (टोल फ्री नंबर 1933) पर सूचना दें। ब्यूरो ने आश्वासन दिया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।

--आईएएनएस

एएमटी/पीएम