अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प का दावा: ईरान जल्द सरेंडर कर सकता है, वीडियो में देंखे अमेरिका-इजराइल ऑपरेशन से दबाव बढ़ा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने हाल ही में एक बार फिर ईरान को लेकर बड़ा बयान दिया है। ट्रम्प ने दावा किया है कि ईरान जल्द ही अमेरिका और उसके सहयोगियों के सामने सरेंडर कर सकता है। न्यूज वेबसाइट एक्सियोस के मुताबिक, ट्रम्प यह टिप्पणी G7 नेताओं के साथ वर्चुअल बैठक के दौरान की।
राष्ट्रपति ट्रम्प ने बैठक में कहा कि अमेरिका और इजराइल के संयुक्त सैन्य अभियानों के चलते ईरान पर काफी दबाव बढ़ गया है। उन्होंने बताया कि ईरान की नौसेना और वायुसेना को ऑपरेशन के दौरान बड़े नुकसान का सामना करना पड़ा है। इसके साथ ही ईरान की मिसाइल और ड्रोन क्षमता भी तेजी से कमजोर हो रही है।
ट्रम्प ने विशेष रूप से ऑपरेशन “एपिक फ्यूरी” का जिक्र किया और कहा कि इस अभियान ने ईरान की सैन्य क्षमताओं पर गहरा असर डाला है। उनके अनुसार, यह ऑपरेशन अमेरिका और उसके सहयोगियों के लिए रणनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण रहा।
उन्होंने बैठक में यह भी कहा कि ईरान की कमजोर होती क्षमताओं के कारण अमेरिका की सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता पर अब खतरा कम हो गया है। ट्रम्प ने उम्मीद जताई कि आगामी हफ्तों में ईरान की नीतियों में बदलाव देखने को मिलेगा और देश पर अमेरिका-इजराइल के दबाव का असर साफ दिखाई देगा।
इसी बीच मध्यपूर्वी क्षेत्र में एक और गंभीर घटना सामने आई है। पश्चिमी इराक में अमेरिकी एयरफोर्स का KC-135 रिफ्यूलिंग विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, विमान में सवार 6 सैनिकों में से 4 की मौत हो चुकी है, जबकि 2 सैनिक अभी लापता हैं। उनकी खोज और बचाव अभियान जारी है।
इस घटना ने अमेरिकी सैन्यों और क्षेत्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं। KC-135 विमान आमतौर पर लंबी दूरी के ऑपरेशनों में ईंधन भरने के लिए इस्तेमाल किया जाता है और इसकी दुर्घटना से अमेरिकी एयरफोर्स के मिशनों पर असर पड़ सकता है।
विश्लेषकों का कहना है कि ट्रम्प के ईरान पर बयान और अमेरिकी विमान दुर्घटना दोनों ही घटनाएं मध्यपूर्वी क्षेत्र में अमेरिका की रणनीतिक स्थिति पर सवाल खड़े कर सकती हैं। हालांकि राष्ट्रपति ट्रम्प का जोर यह था कि ईरान पर अमेरिकी दबाव लगातार बढ़ रहा है और उनका मानना है कि जल्द ही क्षेत्र में स्थिरता कायम हो सकती है।
इस बीच, अमेरिकी और इजराइली सैन्य अधिकारी फिलहाल किसी भी तरह की प्रतिक्रिया से परहेज कर रहे हैं। उनका कहना है कि ऑपरेशन “एपिक फ्यूरी” के पूरे विवरण का खुलासा जल्द ही किया जाएगा, लेकिन फिलहाल मिशन के परिणाम स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान पर बढ़ते दबाव और अमेरिकी सैन्य घटनाओं के बीच मध्यपूर्वी राजनीति और सुरक्षा का संतुलन लगातार बदल रहा है। यह देखना बाकी है कि आगामी हफ्तों में ट्रम्प के दावे और सैन्य घटनाएं क्षेत्र में वास्तविक प्रभाव डालती हैं या नहीं।