×

अमेरिका-इजराइल बनाम ईरान जंग, आठवें दिन बड़े हमलों की तैयारी, फुटेज में देंखे रूस की खुफिया मदद पर सवाल

 

अमेरिका और इजराइल के खिलाफ ईरान की जंग आज अपने आठवें दिन में प्रवेश कर चुकी है, और स्थिति लगातार तनावपूर्ण बनी हुई है। इस बीच अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने शनिवार को फॉक्स न्यूज से बातचीत में खुलासा किया कि आज रात ईरान पर अब तक का सबसे बड़ा हमला किया जाएगा।

<a style="border: 0px; overflow: hidden" href=https://youtube.com/embed/VpvXEFCuLPw?autoplay=1&mute=1><img src=https://img.youtube.com/vi/VpvXEFCuLPw/hqdefault.jpg alt=""><span><div class="youtube_play"></div></span></a>" style="border: 0px; overflow: hidden;" width="640">

बेसेंट के अनुसार, इस हमले का मुख्य उद्देश्य ईरान के मिसाइल लॉन्चर और मिसाइल बनाने वाली फैक्ट्रियों को भारी नुकसान पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई से ईरान की मिसाइल क्षमता को काफी हद तक कमजोर किया जाएगा और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए अमेरिका और उसके सहयोगियों की स्थिति मजबूत होगी।

इससे पहले शुक्रवार देर रात इजराइल ने तेहरान के मेहराबाद एयरपोर्ट पर हवाई हमला किया। हमले के तुरंत बाद एयरपोर्ट परिसर में आग और धुएं का गुबार उठता दिखाई दिया। स्थानीय मीडिया और अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स में कहा गया कि यह हमला इजराइल की रणनीतिक योजना का हिस्सा था, जिसका उद्देश्य ईरान की सैन्य और लॉजिस्टिक क्षमताओं को कमजोर करना है।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह जंग अब केवल मिसाइल या हवाई हमलों तक सीमित नहीं रह गई है। इसमें समानांतर रूप से अंतरराष्ट्रीय खुफिया सहयोग भी शामिल हो गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, रूस इस जंग के दौरान ईरान को खुफिया मदद दे रहा है। मॉस्को ने ईरान को मिडिल-ईस्ट में मौजूद अमेरिकी युद्धपोतों और सैन्य विमानों की लोकेशन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी मुहैया कराई है।

इस खुफिया सहयोग के कारण ईरान की रणनीति और जवाबी हमले और भी सटीक और तेज हो सकते हैं। वहीं, अमेरिका और इजराइल दोनों ही इस सहयोग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गंभीर चुनौती के रूप में देख रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि रूस की खुफिया मदद इस संघर्ष में वैश्विक सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय राजनीति को भी प्रभावित कर सकती है।

फिलहाल अमेरिकी और इजराइली सेनाओं ने ईरान के रणनीतिक ठिकानों पर हमलों की तैयारी पूरी कर ली है। इस हमले में मिसाइल लॉन्चर, सैन्य गोदाम और मिसाइल निर्माण फैक्ट्रियों को निशाना बनाया जाएगा। इससे पहले हुए हमलों में ईरानी ठिकानों और हवाई क्षेत्रों को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाया जा चुका है, जिससे ईरान में हताहतों की संख्या बढ़ती जा रही है।

विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि यदि यह बड़ा हमला योजनानुसार किया गया, तो ईरान की सैन्य क्षमता और मिसाइल रणनीति पर दीर्घकालिक असर पड़ सकता है। इसके साथ ही, अंतरराष्ट्रीय समुद्री और हवाई मार्गों की सुरक्षा पर भी निगरानी बढ़ाई जाएगी।

संक्षेप में, अमेरिका-इजराइल बनाम ईरान जंग आज आठवें दिन भी तेज और खतरनाक मोड़ पर पहुंच गई है। बड़े हमलों की तैयारी, रूस की खुफिया मदद और हवाई हमलों की बढ़ती संख्या ने मध्य-पूर्व और वैश्विक सुरक्षा पर चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि इस संघर्ष में आगे और गंभीर तबाही हो सकती है।