यूपीआई पेमेंट पर एमडीआर की समयसीमा बढ़ने का दिल्ली के व्यापारियों ने किया स्वागत
नई दिल्ली, 14 अक्टूबर (आईएएनएस)। राजधानी दिल्ली में यूपीआई पेमेंट का इस्तेमाल करने वाले व्यापारियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। त्योहारी सीजन के बीच मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच इसकी समय-सीमा 15 अक्टूबर से बढ़ाकर दीपावली के बाद तक किए जाने का फैसला यूपीआई और सर्विसेज स्टीयरिंग कमिटी ने किया है।
इस फैसले से व्यापारियों को त्योहारी सीजन के दौरान राहत मिलने की उम्मीद है। दीपावली के समय बाजारों में ग्राहकों की भीड़ बढ़ जाती है और डिजिटल पेमेंट का इस्तेमाल भी तेजी से होता है। ऐसे में यूपीआई लेनदेन पर अतिरिक्त शुल्क लगाने की आशंका व्यापारियों के लिए चिंता का विषय बनी हुई थी।
व्यापारियों का कहना है कि डिजिटल पेमेंट आज कारोबार का अहम हिस्सा बन चुका है। ऐसे में यूपीआई लेनदेन पर किसी भी तरह का अतिरिक्त शुल्क लागू करने से छोटे दुकानदारों और कारोबारियों पर आर्थिक बोझ बढ़ सकता है।
पम्मा सदर बाज़ार बारी मार्केट ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष परमजीत सिंह ने यूपीआई पेमेंट पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) चार्ज लागू करने की समय-सीमा बढ़ाए जाने का स्वागत किया है। उन्होंने आईएएनएस से कहा, "यह बिल्कुल सही फैसला है और हम इसका स्वागत करते हैं। हमने इस मुद्दे पर विरोध-प्रदर्शन भी किया था और सरकार से यह कदम उठाने की अपील की थी। सबसे अहम बात यह है कि त्योहारों के मौसम में इस व्यवस्था के कारण व्यापारियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता था। हालांकि, मैं इस बात पर भी जोर देना चाहूंगा कि इसे सिर्फ दीपावली के बाद तक टालना काफी नहीं है, इस प्रावधान को पूरी तरह से खत्म कर दिया जाना चाहिए। वरना, भविष्य में व्यापारियों और ग्राहकों को ही मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।"
दिल्ली साड़ी मर्केंटाइल एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी राजकुमार भारद्वाज ने कहा, "सरकार का यह फैसला व्यापारियों और ग्राहकों, दोनों के लिए बहुत अच्छा है। अगर एमडीआर की वजह से व्यापारियों को नुकसान होता है या उनकी लागत बढ़ती है, तो वे अंततः उसे कीमत में जोड़ देंगे और इसका सीधा असर ग्राहक पर पड़ेगा।''
चांदनी चौक ट्रेडर्स काउंसिल के कोषाध्यक्ष राजीव अग्रवाल ने कहा, "यह फैसला बहुत अच्छा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले दिन से ही व्यापारियों के हित में काम कर रहे हैं। एमडीआर लागू करने का जो फैसला लिया गया था, उससे भी व्यापारियों को कोई खास फर्क नहीं पड़ रहा था और न ही खरीदार पर इसका कोई असर हो रहा था। व्यापारियों ने तब भी इसका स्वागत किया था और अब वे इसे टालने के फैसले का भी स्वागत कर रहे हैं।"
--आईएएनएस
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