यूपी में तीसरी बार बनेगी भाजपा सरकार, अखिलेश यादव बिना वजह परेशान: डॉ. भोला सिंह
बुलंदशहर, 7 जुलाई (आईएएनएस)। राम मंदिर चंदा चोरी मामले को लेकर सियासी बयानबाजी जारी रही है। इसी कड़ी में बुलंदशहर से भाजपा सांसद डॉ. भोला सिंह ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के हालिया बयान पर तल्ख टिप्पणी की। भाजपा सांसद ने कहा कि अखिलेश यादव की टिप्पणियां सत्ता से लंबे समय तक दूर रहने की बौखलाहट को दर्शाती हैं। साथ ही, उन्होंने दावा किया कि प्रदेश की जनता भाजपा सरकार के कामकाज से संतुष्ट है और 2027 के विधानसभा चुनाव में लगातार तीसरी बार प्रचंड बहुमत के साथ भाजपा की सरकार बनाएगी।
डॉ. भोला सिंह ने अखिलेश यादव द्वारा भाजपा को दी गई चुनावी चुनौती पर पलटवार करते हुए कहा कि सपा प्रमुख बिना वजह परेशान हैं। पिछले साढ़े नौ वर्षों में केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार ने विकास, जनकल्याण और सुशासन के क्षेत्र में व्यापक कार्य किए हैं। यही कारण है कि भाजपा को पूरा विश्वास है कि 2027 में भी प्रदेश की जनता तीसरी बार भाजपा को स्पष्ट जनादेश देगी। उन्होंने अखिलेश यादव के उस दावे पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें सपा प्रमुख ने कहा था कि उनकी पार्टी के कार्यकर्ता भाजपा नेताओं की सीटों पर उनकी जमानत जब्त कराने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। इस पर भोला सिंह ने कहा कि कोशिश कर लेने से कुछ नहीं होगा, अंतिम फैसला जनता करती है। उन्होंने कहा कि जनता समाजवादी पार्टी के शासनकाल को भूली नहीं है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सपा शासन के दौरान प्रदेश में जंगलराज का माहौल था और अपराध चरम पर थे। उस समय लूट, अपहरण, महिलाओं के खिलाफ अपराध और कानून-व्यवस्था की स्थिति को प्रदेश की जनता आज भी याद करती है। जनता चुनाव के समय मतदान केंद्र पर जाकर इसका जवाब देगी। फिलहाल ऐसे बयान केवल मन बहलाने के लिए दिए जा रहे हैं, जबकि वास्तविकता यह है कि प्रदेश की जनता भाजपा की डबल इंजन सरकार से संतुष्ट है। उन्होंने यह भी दावा किया कि 2027 के चुनाव में भाजपा को 2022 की तुलना में अधिक सीटें मिलेंगी और पार्टी लगातार तीसरी बार सरकार बनाएगी।
राम मंदिर चंदा चोरी मामले में भाजपा सांसद निशिकांत दुबे द्वारा लगाए गए उस आरोप पर भी डॉ. भोला सिंह ने प्रतिक्रिया दी, जिसमें कहा गया था कि मामले के आरोपी टीनू यादव की बातचीत अखिलेश यादव से होती थी। इस संबंध में उन्होंने कहा कि मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की गई है और जांच पूरी गंभीरता से जारी है। यदि जांच में यह सामने आता है कि आरोपी का किसी भी व्यक्ति से इस मामले को लेकर संबंध या संलिप्तता थी, तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। जांच में यह देखा जाएगा कि बातचीत किस विषय पर होती थी, किस उद्देश्य से होती थी और उसमें किसकी क्या भूमिका थी।
--आईएएनएस
पीएसके