×

यूपी में तानाशाही, बिहार सरकार जनता के असली मुद्दों से ध्यान भटका रही : मुकेश सहनी

 

पटना, 5 जुलाई (आईएएनएस)। विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के संस्थापक और बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने यहां रविवार को उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार पर लोकतंत्र का गला घोंटने का आरोप लगाया। वहीं बिहार की एनडीए सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वह बेरोजगारी, गरीबी और किसानों की समस्याओं जैसे वास्तविक मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने की राजनीति कर रही है।

पटना में पत्रकारों से बातचीत के दौरान मुकेश सहनी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में विपक्षी नेताओं के कार्यक्रमों को रोकना और उन्हें गिरफ्तार करना इस बात का संकेत है कि सरकार विपक्ष से डरी हुई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अघोषित आपातकाल जैसी स्थिति है और लोकतंत्र की जगह तानाशाही चल रही है। उन्होंने दावा किया कि उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश में संगठन मजबूत कर रही है और जनता आने वाले समय में भाजपा सरकार को जवाब देगी।

भाजपा विधायक राजू सिंह को हत्या के मामले में चार साल दो महीने की सजा और आर्म्स एक्ट के तहत अतिरिक्त दो महीने की सजा मिलने पर सहनी ने फैसले पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि हत्या सिद्ध होने के बाद इतनी कम सजा न्यायसंगत नहीं है। उन्होंने पीड़ित परिवार से उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय में फैसले को चुनौती देने की अपील करते हुए कहा कि दोषी को 14 वर्ष की सजा मिलनी चाहिए।

बिहार सरकार पर हमला बोलते हुए मुकेश सहनी ने कहा कि सरकार के पास जनता को बताने के लिए कोई ठोस उपलब्धि नहीं है। इसलिए सुरक्षा वापस लेने और फिर बहाल करने, बंगला विवाद तथा अन्य राजनीतिक मुद्दों को उछालकर लोगों का ध्यान भटकाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार को महिलाओं से किए गए आर्थिक सहायता के वादे, एक करोड़ रोजगार और किसानों से जुड़े चुनावी वादों को पूरा करने पर ध्यान देना चाहिए।

उन्होंने फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन की घोषणा को भी सरकार की देर से जागी व्यवस्था बताते हुए कहा कि यदि इसकी जरूरत आज महसूस हो रही है तो यह पिछले दो दशकों की प्रशासनिक विफलता को दर्शाता है। सहनी ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार लगातार नए टैक्स लगाकर आम लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ा रही है, जबकि वृद्धा पेंशन जैसी योजनाओं के भुगतान में भी देरी हो रही है।

उन्होंने कहा कि बिहार के विकास का पैमाना केवल पुल और सड़कें नहीं बल्कि रोजगार, बेहतर आय और लोगों के जीवन स्तर में सुधार होना चाहिए।

--आईएएनएस

एमएनपी/पीएम