यूपी में ‘एक जनपद एक व्यंजन’ योजना को मंजूरी, पारंपरिक स्वाद को मिलेगी वैश्विक पहचान
लखनऊ, 4 मई (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने ‘एक जनपद एक उत्पाद’ (ओडीओपी) की सफलता के बाद अब ‘एक जनपद एक व्यंजन’ (ओडीओपी-फूड) योजना को मंजूरी दे दी है। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री राकेश सचान ने सोमवार को बताया कि इस पहल से प्रदेश के पारंपरिक व्यंजनों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी, साथ ही रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
मंत्री राकेश सचान ने कहा कि इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत प्रत्येक जनपद के विशिष्ट और पारंपरिक व्यंजनों का चिन्हांकन कर उन्हें संरक्षित, मानकीकृत और विकसित किया जाएगा। इन उत्पादों की गुणवत्ता सुधार, आकर्षक पैकेजिंग, ब्रांडिंग और शेल्फ लाइफ बढ़ाने पर विशेष जोर रहेगा, ताकि वे वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धी बन सकें।
उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत कारीगरों, हलवाइयों, खाद्य उद्यमियों और श्रमिकों को तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही मेले, फेस्टिवल और प्रदर्शनियों के जरिए उन्हें बाजार उपलब्ध कराया जाएगा। इससे न केवल पारंपरिक व्यंजनों को पहचान मिलेगी, बल्कि रोजगार सृजन और आय में भी वृद्धि होगी। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जनपद स्तर पर समितियां गठित की जाएंगी, जिनमें विश्वविद्यालयों, तकनीकी संस्थानों, खाद्य एवं पर्यटन विभाग के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
ये समितियां स्थानीय सुझावों के आधार पर व्यंजनों का चयन और विकास सुनिश्चित करेंगी। सरकार ने योजना के लिए वित्तीय सहायता का भी प्रावधान किया है। उद्यमियों को 25 प्रतिशत तक अनुदान (अधिकतम 20 लाख रुपए) दिया जाएगा। वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में इसके लिए 150 करोड़ रुपए निर्धारित किए गए हैं।
मंत्री ने यह भी बताया कि खाद्य विक्रेताओं और हलवाइयों का राज्यस्तरीय सम्मेलन जल्द ही लखनऊ में आयोजित किया जाएगा, जहां पैकेजिंग, गुणवत्ता और आधुनिक विपणन पर तकनीकी सत्र होंगे, साथ ही पारंपरिक व्यंजनों की प्रदर्शनी भी लगेगी। इसी के साथ मंत्रिपरिषद ने टेक्सटाइल सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए अमरोहा, बहेड़ी (बरेली), संत कबीर नगर और नगीना (बिजनौर) में स्थापित कताई मिलों की भूमि टेक्सटाइल विभाग को हस्तांतरित करने का निर्णय लिया है। इन स्थानों पर टेक्सटाइल पार्क विकसित किए जाएंगे, जिससे निवेश और रोजगार को नई गति मिलेगी।
राकेश सचान ने कहा कि ‘ब्रांड यूपी’ को मजबूत करने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। ‘एक जनपद एक व्यंजन’ योजना और टेक्सटाइल पार्कों की स्थापना से प्रदेश की पारंपरिक विरासत को नई पहचान मिलने के साथ औद्योगिक विकास को भी बल मिलेगा।
--आईएएनएस
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