यूपी को फिलिस्तीन बताना गैर-जिम्मेदाराना, मुसलमान सम्मान के साथ जी रहे हैं : मौलाना खालिद रशीद
लखनऊ, 2 नवंबर (आईएएनएस)। इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया के अध्यक्ष और ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने उत्तर प्रदेश में मुसलमानों की स्थिति, उन्हें दूसरे दर्जे का नागरिक बनाए जाने के आरोप, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की शादी और सपा नेता आजम खान के मामले पर प्रतिक्रियाएं दी है। उन्होंने उत्तर प्रदेश की तुलना फिलिस्तीन से किए जाने को गैर-जिम्मेदाराना बताते हुए कहा कि प्रदेश में मुसलमान पूरी इज्जत और सम्मान के साथ अपनी जिंदगी गुजार रहे हैं।
मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने उत्तर प्रदेश की तुलना फिलिस्तीन से किए जाने पर कहा कि इस तरह की तुलना करना बेहद गैर-संजीदा बात है। उत्तर प्रदेश में मुसलमान पूरी इज्जत और वकार के साथ रह रहे हैं। मुसलमान एक स्वतंत्र और सम्मानित कौम हैं। उनके बारे में यह कहना कि वे दरी बिछाने का काम करते हैं या देश में दूसरे दर्जे के नागरिक बन गए हैं, पूरी तरह बेमानी और गैर-जरूरी है। मुसलमान अपने हुनर और मेहनत के दम पर रोजी-रोटी कमा रहे हैं और सम्मानपूर्वक जीवन जी रहे हैं।
मौलाना ने मुस्लिम समुदाय को दूसरे दर्जे का नागरिक बनाए जाने के आरोपों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि भारत जैसे महान देश में किसी के पास इतनी ताकत नहीं है कि वह मुसलमानों को दूसरे दर्जे का नागरिक बना सके। मुसलमानों में हर स्तर पर नेतृत्व मौजूद है और अल्लाह ने उन्हें हुनर, ताकत और जज्बा दिया है।
उन्होंने कहा कि मुसलमान अपने संसाधनों और मेहनत के बल पर जीवनयापन करने में सक्षम हैं। देश के संसाधनों पर उनका भी उतना ही अधिकार है, जितना किसी अन्य नागरिक का है।
वहीं, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की शादी को लेकर मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी के बयान पर उन्होंने नाराजगी जताई। मौलाना खालिद रशीद ने कहा कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है और यहां शासन व्यवस्था संविधान के अनुसार चलती है। संविधान प्रत्येक नागरिक को कानून के दायरे में अपनी पसंद से शादी करने की स्वतंत्रता देता है। ऐसे में उमर अब्दुल्ला किससे शादी कर रहे हैं या कोई अन्य व्यक्ति किससे विवाह कर रहा है, यह उसका निजी मामला है। इस विषय पर किसी को अनावश्यक बयानबाजी करने का अधिकार नहीं है।
इसके अलावा, समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान और उनके परिवार की परेशानियों पर भी मौलाना ने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि आजम खान और उनका परिवार लंबे समय से गंभीर परिस्थितियों का सामना कर रहा है। उन्हें उम्मीद है कि अदालतों के माध्यम से आजम खान को न्याय और उनके अधिकार मिलेंगे। आजम खान दस बार विधायक और सांसद रह चुके हैं तथा कैबिनेट मंत्री के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। ऐसे व्यक्ति के साथ इस तरह का व्यवहार अनुचित और अन्यायपूर्ण है। मौजूदा समय में जरूरत इस बात की है कि आजम खान को न्याय मिले और उनके साथ उचित व्यवहार किया जाए।
--आईएएनएस
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