यूपी का विकास बंटवारे से नहीं, किसानों-युवाओं के विकास से होगा: अवधेश प्रसाद
लखनऊ, 21 सितंबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। प्रदेश को चार हिस्सों में बांटने के मंत्री और सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर के बयान से लेकर यूपी में गठबंधन, पीडीए, अखिलेश यादव की सक्रियता, मायावती के एक्स पोस्ट और रोजगार के मुद्दे तक सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने विपक्षी दलों और भाजपा पर तीखे हमले किए। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश का विकास बंटवारे से नहीं, बल्कि किसानों, युवाओं और आम लोगों के विकास से होगा। साथ ही, उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव के प्रति लोगों का भरोसा बढ़ रहा है।
ओम प्रकाश राजभर के उत्तर प्रदेश को चार हिस्सों में बांटने के सुझाव पर अवधेश प्रसाद ने इसे उनका 'दिवास्वप्न' बताया। उन्होंने कहा कि राजभर के पास प्रदेश के बंटवारे का फैसला करने की क्या स्थिति या अधिकार है। प्रदेश का गौरवशाली इतिहास रहा है। उत्तराखंड पहले उत्तर प्रदेश का हिस्सा था, लेकिन अलग राज्य बनने के बाद वहां विकास से जुड़े सवाल भी सामने आए। किसी प्रदेश का विकास करने के लिए उसका विभाजन जरूरी नहीं है। किसानों का विकास, पढ़े-लिखे युवाओं को रोजगार और प्रदेश की परंपराओं व विरासत को मजबूत करना ज्यादा जरूरी है।
यूपी में गठबंधन को लेकर असदुद्दीन ओवैसी के ऐलान पर अवधेश प्रसाद ने कहा कि प्रदेश के मतदाताओं ने भाजपा को हटाने का मन बना लिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा के प्रति लोगों का विश्वास और लगाव कम हुआ है, जबकि पीडीए और अखिलेश यादव के प्रति भरोसा बढ़ रहा है। समाजवादी पार्टी ने भाजपा को सत्ता से हटाने का फैसला किया है और उत्तर प्रदेश में भाजपा को हटाने की क्षमता समाजवादी पार्टी में है। उन्होंने अखिलेश यादव को सत्ता परिवर्तन की 'चाबी' बताते हुए कहा कि 2027 में अखिलेश यादव के नेतृत्व में बदलाव होगा।
अखिलेश यादव की सक्रियता को लेकर इमरान मसूद और ओवैसी के बयानों पर अवधेश प्रसाद ने तीखी प्रतिक्रिया दी। जब उनसे पूछा गया कि गठबंधन में रहते हुए इमरान मसूद अखिलेश यादव की सक्रियता को महत्वपूर्ण क्यों नहीं मान रहे, तो उन्होंने कहा कि इस सवाल का जवाब इमरान मसूद से ही पूछा जाना चाहिए। सांसद ने कहा कि 2027 को लेकर फैसला हो चुका है और अखिलेश यादव ही प्रदेश में सत्ता परिवर्तन का नेतृत्व करेंगे।
बसपा प्रमुख मायावती की ओर से अखिलेश यादव की प्रस्तावित रथ यात्रा और रथ के रंग को लेकर किए गए पोस्ट पर भी अवधेश प्रसाद ने प्रतिक्रिया दी। मायावती ने अखिलेश यादव पर लगातार अपना रुख और रंग बदलने का आरोप लगाया था। इसके जवाब में सपा सांसद ने कहा कि कौन अपनी विचारधारा और रास्ता बदल रहा है, यह जनता जानती है। उन्होंने अखिलेश यादव के रथ को भाजपा की विदाई का रास्ता साफ करने वाला बताया। उन्होंने प्रदेश में सड़कों और जल जीवन मिशन से जुड़े कार्यों को लेकर गड्ढों का मुद्दा उठाते हुए भाजपा सरकार पर निशाना साधा।
जयंत चौधरी के उस आरोप पर कि समाजवादी पार्टी पीडीए के नाम पर समाज को बांटने और जातियों के बीच विभाजन पैदा करने का प्रयास कर रही है, अवधेश प्रसाद ने कहा कि समाजवादी पार्टी जोड़ने का काम करती है, जबकि उनके अनुसार भाजपा बांटने की राजनीति करती है। उन्होंने जयंत चौधरी की राजनीतिक स्थिति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि उन्हें इस तरह के बयानों पर अफसोस है और आरोप लगाया कि यह भाजपा के दबाव या उसके साथ राजनीतिक निकटता का परिणाम है।
धीरेंद्र शास्त्री की ओर से भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने और नवरात्र में रथ यात्रा निकालने की बात पर अवधेश प्रसाद ने कहा कि भारत किसी एक व्यक्ति, धर्म या जाति का देश नहीं है। उन्होंने कहा कि देश सभी का है और सभी समुदायों को साथ लेकर चलना जरूरी है। यदि इस मूल भावना को नहीं समझा गया तो उसका नुकसान पूरे देश को उठाना पड़ेगा।
राहुल गांधी के एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां पर कथित टिप्पणी को लेकर भाजपा की आपत्ति के बीच अवधेश प्रसाद ने कहा कि मां का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मां चाहे धरती हो या वह महिला जिसने जन्म दिया हो, मां पूज्य होती है। समाजवादी परिवार और सनातनी परंपरा में भी मां के सम्मान की बात कही जाती है।
उत्तर प्रदेश के कई जिलों में लगाए गए उन पोस्टरों पर भी अवधेश प्रसाद ने प्रतिक्रिया दी, जिनमें मुख्तार अंसारी और अतीक अहमद की तस्वीरों के साथ अखिलेश यादव को लेकर आरोप लगाए गए थे। सपा सांसद ने इन आरोपों को खारिज करते हुए भाजपा पर पलटवार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा माफिया को संरक्षण देती है। चुनाव नजदीक आने के साथ इस तरह के पोस्टर और नारे और सामने आएंगे, क्योंकि भाजपा के पास जनता के सामने रखने के लिए मुद्दे नहीं बचे हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हर सप्ताह रोजगार उपलब्ध कराने से जुड़े बयान पर अवधेश प्रसाद ने केंद्र और राज्य सरकार के पुराने रोजगार संबंधी वादों का हवाला देते हुए सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पहले भी हर साल दो करोड़ रोजगार देने की बात कही गई थी, लेकिन युवाओं को अपेक्षित संख्या में रोजगार नहीं मिले। उन्होंने महिलाओं के खातों में 15 लाख रुपए आने के पुराने राजनीतिक वादे का भी उल्लेख किया और इन्हें चुनावी वादों से जोड़कर देखा। अवधेश प्रसाद ने दावा किया कि सरकार को अब चुनाव के करीब रोजगार की याद आ रही है। जनता का भाजपा से विश्वास कम हुआ है और अखिलेश यादव के प्रति भरोसा बढ़ा है।
--आईएएनएस
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