यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में दिखी ‘मेक इन इंडिया’ और ‘मेक इन यूपी’ की ताकत, डिफेंस ड्रोन बने आकर्षण का केंद्र
ग्रेटर नोएडा, 26 सितंबर (आईएएनएस)। यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के चौथे संस्करण में शनिवार को उत्तर प्रदेश की औद्योगिक क्षमता के साथ-साथ स्वदेशी तकनीक और रक्षा क्षेत्र की उपलब्धियां भी आकर्षण का केंद्र बनी रहीं। केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद, एमएसएमई मंत्री भूपेंद्र चौधरी और एमएसएमई राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा ने ट्रेड शो में विभिन्न स्टॉल का भ्रमण किया।
मंत्रियों ने ओडीओपी, ओडीओसी, एग्रो इक्विपमेंट्स और हस्तशिल्प से जुड़े कारीगरों और उद्यमियों से मुलाकात कर उनके उत्पादों की जानकारी ली। मंत्रियों ने पीलीभीत, सहारनपुर, आगरा, कानपुर समेत प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आए कारीगरों के उत्पादों को देखा। ओडीओसी के उत्पादों की भी सराहना की गई।
केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने कहा कि ट्रेड शो के माध्यम से ओडीओसी के उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय मंच और नई पहचान मिल रही है। मंत्रियों ने ओडीओसी के कुछ उत्पादों का स्वाद भी चखा। ट्रेड शो में रक्षा क्षेत्र से जुड़े स्वदेशी ड्रोन भी विदेशी मेहमानों और आम विजिटर्स के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के सैन्य ठिकानों के खिलाफ कार्रवाई में चर्चा में आए ड्रोन को भी प्रदर्शित किया गया है। हाईटेक तकनीक से लैस इन ड्रोन को खास तौर पर रक्षा और सुरक्षा क्षेत्र के लिए तैयार किया गया है।
प्रदर्शित किए गए एक ड्रोन की खासियत करीब 60 किलोग्राम तक विस्फोटक ले जाने की क्षमता बताई गई। इसके अलावा स्वार्म ड्रोन भी लोगों के बीच चर्चा का विषय रहे। स्वार्म तकनीक में कई ड्रोन एक साथ समन्वित तरीके से लक्ष्य की ओर कार्रवाई कर सकते हैं।
कंपनी के मुताबिक, इस तरह के ड्रोन मुख्य रूप से सेना, नौसेना, वायुसेना और अर्धसैनिक बलों को उपलब्ध कराए जाते हैं। ट्रेड शो में इन्हें देखने के लिए बड़ी संख्या में विजिटर्स पहुंच रहे हैं।
यूपी डिफेंस कॉरिडोर के स्टॉल पर भी स्वदेशी रक्षा तकनीक की झलक देखने को मिल रही है। यहां झांसी डिफेंस कॉरिडोर में तैयार किए जा रहे ‘काल’ को प्रदर्शित किया गया है। सफल परीक्षण के बाद इसे यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में शोकेस किया गया है।
प्रदर्शनी में मौजूद जानकारी के अनुसार, ‘काल’ की मारक क्षमता करीब 1,000 किलोमीटर बताई गई है। एग्जीबिटर का कहना है कि यह उत्पाद भविष्य में उत्तर प्रदेश की रक्षा उत्पादन क्षमता की पहचान बन सकता है। इसके अलावा लॉन्ग रेंज अटैकिंग वन-वे ड्रोन भी प्रदर्शित किया गया है, जो करीब 50 किलोग्राम वजन उठाने में सक्षम बताया गया। इसकी खासियत यह है कि लक्ष्य को निशाना बनाने के बाद ड्रोन स्वयं भी नष्ट हो जाता है, जिससे इसकी तकनीक दूसरे देशों के हाथ लगने की आशंका कम होती है।
यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में ब्रह्मोस मिसाइल समेत कई नई रक्षा तकनीकों को भी प्रदर्शित किया गया है। यूपी डिफेंस कॉरिडोर के स्टॉल पर स्वदेशी रक्षा उत्पादन की क्षमता को दिखाया जा रहा है। प्रदर्शनी में आने वाले लोगों को रक्षा क्षेत्र में उत्तर प्रदेश में हो रहे निवेश और निर्माण की जानकारी भी दी जा रही है।
एग्जीबिटर्स ने यूपी ट्रेड शो में शामिल होने को लेकर खुशी जताई और इसे उद्योग तथा उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण मंच बताया। उनका कहना है कि ऐसे आयोजनों से उत्तर प्रदेश में तैयार उत्पादों को वैश्विक स्तर पर पहचान मिलने का अवसर मिल रहा है। ट्रेड शो में एमएसएमई, ओडीओपी, ओडीओसी, हस्तशिल्प, कृषि उपकरण, रक्षा और आधुनिक तकनीक से जुड़े उत्पाद एक ही मंच पर नजर आ रहे हैं।
प्रदर्शकों के अनुसार, इससे उत्तर प्रदेश की औद्योगिक और विनिर्माण क्षमता को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के सामने रखने का अवसर मिल रहा है। यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में ‘मेक इन इंडिया’ और ‘मेक इन यूपी’ की थीम प्रमुखता से दिखाई दे रही है।
प्रदेश के पारंपरिक हस्तशिल्प से लेकर आधुनिक रक्षा तकनीक तक को एक ही मंच पर प्रदर्शित किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश सरकार ने रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए डिफेंस कॉरिडोर के छह नोड विकसित किए हैं।
सरकार ने इसमें करीब 50 हजार करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य रखा है। ट्रेड शो में प्रदर्शित रक्षा उत्पाद इसी दिशा में प्रदेश में विकसित हो रही स्वदेशी विनिर्माण क्षमता की झलक पेश कर रहे हैं।
--आईएएनएस
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