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UP Flood Alert: यूपी के 16 जिलों में बाढ़ का भयंकर कहर! गंगा-यमुना उफान पर, देखें आपके जिले का क्या है हाल!

 

उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश ने कई जिलों में हालात बिगाड़ दिए हैं। प्रदेश की प्रमुख नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिसके चलते कई इलाकों में बाढ़ और जलभराव का खतरा बढ़ गया है। फिलहाल 16 जिले बाढ़ से प्रभावित बताए जा रहे हैं, जबकि अब तक 25 जिले बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं। करीब 1.44 लाख लोग प्रभावित हैं और प्रशासन राहत एवं बचाव कार्य में जुटा हुआ है।

प्रयागराज में गंगा-यमुना का जलस्तर बढ़ा

प्रयागराज में गंगा और यमुना का पानी लगातार बढ़ रहा है। हालांकि दोनों नदियां अभी खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं, लेकिन बढ़ते जलस्तर ने तटवर्ती इलाकों में चिंता बढ़ा दी है। नागवासुकी मंदिर के गेट तक पानी पहुंच चुका है। वहीं मंदिर और बक्शी बांध के बीच सड़क पर पानी भरने से लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है। प्रशासन ने बाढ़ चौकियों को सक्रिय करते हुए संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है।

चित्रकूट में मंदाकिनी ने बढ़ाई चिंता

चित्रकूट में भारी बारिश और पहाड़ी क्षेत्रों से आए पानी के कारण मंदाकिनी नदी उफान पर है। नदी का जलस्तर खतरे के निशान से करीब 5 मीटर ऊपर पहुंचने की जानकारी सामने आई है। सती अनुसूइया आश्रम के आसपास भी बाढ़ का पानी पहुंच गया है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए वहां आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। मानिकपुर क्षेत्र में डोंडा गांव के पास बने छोटे बांध के ऊपर से भी पानी बहने लगा है। खतरे को देखते हुए प्रशासन आसपास के गांवों को खाली कराने में जुटा है और गुप्त गोदावरी गुफा को भी बंद कर दिया गया है।

गोंडा में घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ा

गोंडा में घाघरा नदी का जलस्तर पिछले 24 घंटे में 23 सेंटीमीटर बढ़ गया है। एल्गिन ब्रिज पर नदी खतरे के निशान से महज 23 सेंटीमीटर नीचे बह रही है। नदी में बैराजों से करीब 2.56 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद तटवर्ती गांवों में चिंता बढ़ गई है। तरबगंज और करनैलगंज तहसील के 10 से ज्यादा गांवों में हाई अलर्ट जारी किया गया है। प्रशासन ने तटबंधों की निगरानी बढ़ाने के साथ राजस्व और स्वास्थ्य विभाग की टीमों को भी तैनात किया है।

झांसी, महोबा और हमीरपुर में भी बिगड़े हालात

महोबा में सीहो नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से पुल के ऊपर से पानी बहने लगा है। हमीरपुर में चंद्रावल नदी का पानी सड़क तक पहुंच गया है। वहीं झांसी के टोडी फतेहपुर इलाके में भारी बारिश के बाद पथराई नदी में बाढ़ आ गई और पानी बस स्टैंड तक पहुंच गया। कई घरों और दुकानों में 7 से 8 फीट तक पानी भरने की जानकारी सामने आई है। ऐसे में लोगों को सुरक्षित स्थानों और घरों की छतों पर रहने को मजबूर होना पड़ रहा है।

बदायूं में गंगा का कटान बना मुसीबत

बदायूं में गंगा का जलस्तर भले ही घट रहा हो, लेकिन नदी के कटान ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। कदमनगला गांव में गंगा की धार पंचायत घर तक पहुंच गई, जिसके बाद पंचायत भवन नदी में समा गया। इससे पहले स्कूल, खेत और कई घर भी कटान की चपेट में आ चुके हैं।

भदोही और वाराणसी में फिर बढ़ रहा गंगा का पानी

भदोही में कुछ दिनों तक घटने के बाद गंगा का जलस्तर एक बार फिर तेजी से बढ़ने लगा है। शनिवार सुबह पानी बढ़ने की रफ्तार करीब 5 से 6 सेंटीमीटर प्रति घंटे दर्ज की गई। प्रशासन ने स्थिति पर नजर रखने के लिए 22 बाढ़ चौकियां सक्रिय कर दी हैं। वाराणसी में भी कई दिनों तक घटने के बाद गंगा का जलस्तर दोबारा बढ़ने लगा है। अगले 24 घंटे में पानी और बढ़ने की संभावना जताई गई है।

1.44 लाख लोग प्रभावित, राहत-बचाव तेज

राहत आयुक्त कार्यालय के मुताबिक, वर्तमान में प्रदेश के 16 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं और करीब 1.44 लाख लोग इसकी चपेट में हैं। राहत और बचाव के लिए 1,618 बाढ़ चौकियां बनाई गई हैं। स्वास्थ्य सेवाओं के लिए शनिवार को 127 मेडिकल टीमें मैदान में हैं, जबकि अब तक कुल 810 मेडिकल टीमें गठित की जा चुकी हैं।

31 अगस्त तक राहत, फिर बारिश का दौर संभव

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक अगले 2 से 3 दिनों यानी 31 अगस्त तक प्रदेश में बारिश की गतिविधियों में कुछ कमी आने की संभावना है। हालांकि सितंबर के पहले सप्ताह में नए मौसम तंत्र के प्रभाव से एक बार फिर बारिश का दौर शुरू हो सकता है। मौसम विभाग ने शनिवार को 47 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। कुछ इलाकों में तेज हवाओं के साथ बिजली गिरने की भी चेतावनी दी गई है। ऐसे में लोगों को नदी, नाले और निचले इलाकों से दूर रहने की सलाह दी गई है।