यूपी: ईडी ने गाजियाबाद में मनी लॉन्ड्रिंग मामले में चार जगहों पर तलाशी अभियान चलाया
लखनऊ, 27 जून (आईएएनएस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के लखनऊ क्षेत्रीय कार्यालय ने गाजियाबाद में जमीन और अचल संपत्ति धोखाधड़ी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने इस संबंध में बिल्डर संदीप सिंह और सेवा सुरक्षा सहकारी आवास समिति के पदाधिकारियों से संबंधित गाजियाबाद, नोएडा और दिल्ली के 4 स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया है।
ईडी ने उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा आईपीसी, 1860 की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज 3 एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की। इसको पीएमएलए, 2002 के तहत अनुसूचित अपराध माना गया है। एफआईआर के अनुसार, संदीप सिंह (मेसर्स श्रस्थ प्रॉपबिल्ड प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक) इस धोखाधड़ी में मुख्य लाभार्थी और प्रमुख साजिशकर्ता थे।
संदीप सिंह ने समिति के सदस्यों (सशस्त्र सीमा बल के सेवानिवृत्त अधिकारी) को समिति की आधी जमीन पर 264 आवासीय फ्लैट बनाने का वादा करके उन्हें बहकाया। इसके बदले में उन्होंने शेष आधी जमीन पर बिक्री या विकास के अधिकार देने का वादा किया। एफआईआर में यह भी सामने आया कि सदस्यों को तय समय सीमा के भीतर आवासीय फ्लैटों का निर्माण और सौंपने का, या देरी होने पर मासिक किराया देने का वादा किया गया था, लेकिन परियोजना वादे के अनुसार पूरी नहीं हुई।
इसके बजाय, संदीप सिंह ने समझौते का दुरुपयोग किया और सदस्यों के लिए फ्लैटों का निर्माण पूरा किए बिना ही 41,544 वर्ग मीटर जमीन का आधा हिस्सा तीसरे पक्ष को बेच दिया, जिससे उन्हें अवैध लाभ हुआ और सदस्यों को उनके हक से वंचित कर दिया गया। ईडी अनुसूचित अपराधों से प्राप्त अपराध की आय के सृजन, छिपाव, कब्जे, अधिग्रहण और उपयोग की जांच कर रही है, जिसमें उससे प्राप्त धन और संपत्तियों का पता लगाना भी शामिल है।
तलाशी के दौरान, पीएमएलए, 2002 के प्रावधानों के तहत धन के लेन-देन, संपत्तियों, कंपनी के वित्तीय विवरणों आदि से संबंधित कई आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए गए। आगे की जांच जारी है।
--आईएएनएस
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