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यूपी कांग्रेस कार्यालय में महिलाओं से बदसलूकी को लेकर शिकायत आई तो होगी जांच : महिला आयोग

 

लखनऊ, 12 अक्टूबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता सिंह चौहान ने यूपी कांग्रेस कार्यालय में पदभार ग्रहण के दौरान कार्यकर्ताओं के बीच हुई आपसी झड़प और महिला कार्यकर्ताओं के साथ बदसलूकी के आरोपों पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। साथ ही, उन्होंने उत्तर प्रदेश की महिलाओं को एक साझा मंच पर लाने और उनकी समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए शुरू की गई विशेष क्यूआर कोड पहल के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी।

आईएएनएस से बातचीत के दौरान बबीता सिंह चौहान से जब कांग्रेस कार्यालय में हुई घटना को लेकर सवाल किया गया, जिसमें महिला कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि अजय राय के समर्थकों द्वारा उनके साथ बदतमीजी की गई, तो उन्होंने कहा कि महिला आयोग के लिए पीड़िता की पार्टी, जाति या धर्म मायने नहीं रखता।

उन्होंने कहा, "मुझे इससे मतलब नहीं है कि महिला किस पार्टी की है, किस संगठन की है, किस जाति या किस धर्म की है, अगर वह महिला है तो वह महिला है। लेकिन मुझे लगता है कि यह दोनों एक ही पार्टी की हैं और यह एक पारिवारिक मामला जैसा हो जाता है। जब हम एक संगठन में काम कर रहे होते हैं तो वहां जितने भी कार्यकर्ता होते हैं, चाहे वह महिला हो या पुरुष, तो एक परिवार जैसा माहौल हो जाता है।"

अध्यक्ष ने आगे कहा कि इस मामले को लेकर अभी तक उनके पास कोई औपचारिक शिकायत नहीं आई है। उन्होंने कहा, "अगर मेरे पास शिकायत आती है तो हम छानबीन करके देखेंगे कि किसकी क्या गलती है। हम स्वतः संज्ञान ले भी सकते हैं, लेकिन सिर्फ एक पक्ष की बात सुनकर हम कोई निर्णय नहीं करते। हम जब तक दोनों पक्षों को नहीं सुनते, तब तक कोई निर्णय नहीं लेते। अभी इस मामले में क्लैरिटी नहीं हुई है, अभी एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप चल रहे हैं। अगर वह हमारे पास आती हैं तो हम निश्चित रूप से दूसरे पक्ष को भी बुलाएंगे और जिसकी भी गलती होगी, जहां भी गलती होगी, वहां उस पर कार्रवाई करेंगे।"

बबीता सिंह चौहान ने इस दौरान महिला आयोग द्वारा लाई जा रही एक नई तकनीकी पहल के बारे में भी बताया, जिसका उद्देश्य प्रदेश की सभी महिलाओं को एक ही प्लेटफॉर्म पर जोड़ना है। इसके लिए एक क्यूआर कोड बनाया गया है। साथ ही, ऐप से भी महिलाओं को जोड़ा जाएगा।

उन्होंने कहा, "महिलाएं उस क्यूआर कोड को स्कैन करके अपनी जो भी समस्या या परेशानी है, उसे दर्ज कर सकती हैं। यह महिलाओं तक पहुंचने का एक बहुत अच्छा माध्यम है। इससे न तो हमें महिलाओं के पास जाने की जरूरत होगी और न ही महिलाओं को हमारे पास आने की जरूरत होगी। जो भी शिकायतें आएंगी, हम अपने कार्यालय में बैठकर उससे संबंधित लोगों के साथ उनका निस्तारण करने की कोशिश करेंगे, चाहे वह पुलिस केस से संबंधित हो या किसी अन्य विभाग से।"

उन्होंने कहा कि इस पहल को जन-जन तक पहुंचाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। उन्होंने कहा, "महिलाओं तक इसे पहुंचाने के लिए हम इसका विज्ञापन करेंगे, हैंडबिल बंटवाएंगे, दीवार लेखन करवाएंगे और रेडियो, एफएम जैसे माध्यमों से भी जागरुकता के लिए काम करेंगे।"

--आईएएनएस

पीआईएम/पीएम