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UP-Bihar Flood: बारिश थमी, फिर भी नदियां उफान पर; यूपी के 30 गांव टापू, बिहार में 3.65 लाख लोग प्रभावित

 

उत्तर प्रदेश और बिहार में बारिश की रफ्तार कम होने के बावजूद बाढ़ का संकट अभी टला नहीं है। नदियों का जलस्तर कई इलाकों में खतरे और चेतावनी के निशान के आसपास बना हुआ है। उत्तर प्रदेश में गंगा समेत कई नदियों के बढ़े जलस्तर से निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। वहीं बिहार के कई जिलों में नेपाल से आए पानी और तटबंध टूटने के बाद हालात गंभीर हैं।

यूपी में गोंडा से उन्नाव तक बाढ़ का असर

गोंडा में घाघरा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। इससे करीब 30 गांवों के आसपास बाढ़ का पानी फैल गया है और हजारों लोग प्रभावित हैं। कई जगहों पर गांवों की गलियों में नावों के जरिए आवाजाही करनी पड़ रही है। बाढ़ से जुड़े हादसों में बच्चों की मौत की भी सूचना सामने आई है।

उन्नाव में भी गंगा का जलस्तर लगातार चिंता बढ़ा रहा है। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक गंगा खतरे के निशान से महज 19 सेंटीमीटर नीचे बह रही है और तटवर्ती रिहायशी इलाकों में पानी पहुंच गया है। प्रशासन की ओर से प्रभावित इलाकों में नावों की व्यवस्था की गई है।

बाराबंकी और आसपास के जिलों में भी बाढ़ के पानी से जनजीवन प्रभावित है। कई निचले इलाकों में पानी भरने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

बिहार में 6 जिलों में गंभीर स्थिति

बिहार में नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों से आए पानी और कई तटबंधों के टूटने के कारण बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। रिपोर्ट के अनुसार छह जिलों के 253 गांवों में पानी पहुंच गया है। करीब 3.65 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित बताए जा रहे हैं, जबकि 44 हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों की ओर जाना पड़ा है। बाढ़ से जुड़ी घटनाओं में तीन लोगों की मौत की भी जानकारी सामने आई है।

प्रशासन की ओर से प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान चलाया जा रहा है। लोगों को सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों में पहुंचाने का काम जारी है।

हिमाचल में 6-7 अक्टूबर को बारिश का अनुमान

मौसम विभाग के अनुसार उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में अगले दिनों भी बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। हिमाचल प्रदेश और आसपास के इलाकों में 6 और 7 अक्टूबर को बारिश की संभावना जताई गई है। IMD के पूर्वानुमान में उत्तर भारत के कई हिस्सों में 1 से 7 अक्टूबर के बीच बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां रहने की बात कही गई है।

राजस्थान में मानसून की विदाई अंतिम दौर में

राजस्थान से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई अंतिम चरण में पहुंच गई है। IMD के 2 अक्टूबर के अपडेट में राजस्थान के पश्चिमी और पूर्वी दोनों हिस्सों के लिए 8 अक्टूबर तक कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है। हालांकि 6 अक्टूबर के बाद उत्तरी और पूर्वी राजस्थान में कहीं-कहीं बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना जताई गई है।

राजस्थान में इस मानसून सीजन में सामान्य से कम बारिश दर्ज हुई है। आने वाले दिनों में दिन के तापमान में बढ़ोतरी और सुबह-शाम हल्की ठंडक का असर देखने को मिल सकता है।