×

यूपी: भारत-बांग्लादेश सीमा से अवैध घुसपैठ कराने वाले अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट के 15 दोषियों को कारावास

 

लखनऊ, 6 जुलाई (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस) को मानव तस्करी के एक अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। लखनऊ स्थित एनआईए/एटीएस विशेष अदालत ने बांग्लादेशी और रोहिंग्या नागरिकों को अवैध रूप से भारत में प्रवेश कराने, उनके लिए फर्जी भारतीय दस्तावेज तैयार करने और मानव तस्करी के मामले में 15 दोषियों को पांच-पांच वर्ष के कारावास और 10-10 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई है।

एटीएस की ओर से जारी प्रेस नोट के अनुसार, 26 अक्टूबर 2021 को मिथुन मंडल, पिंटू दास उर्फ शाओन अहमद, रोनी पाल उर्फ मोहीनूर इस्लाम, बाबी राय उर्फ मेहंदी हसन, विक्रम सिंह, महफूजुर रहमान, समीर मंडल उर्फ टोनी और मोहम्मद जमील उर्फ हरीश उल्लाह को अवैध घुसपैठ, फर्जी भारतीय दस्तावेज रखने और मानव तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।

जांच के दौरान एक बड़े अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का खुलासा हुआ। विवेचना में असीदिलु इस्लाम उर्फ विजय दास, हुसैन मोहम्मद फहद उर्फ मानिक दत्ता, अल अमीन अहमद उर्फ राजेश विश्वास, जैबुल इस्लाम उर्फ गोविंदा दास, जमील अहमद उर्फ लाश विश्वास पोराम, राजीब हुसैन उर्फ अजीत दास, सखावत खान उर्फ गोलक मंडल, अलाउद्दीन तारिक उर्फ रिकू विश्वास, अजय घिल्डियाल, नूर अमीन, खोखन सरदार उर्फ कय्यूम सिकदर तथा रतन मंडल के नाम भी सामने आए, जिन्हें बाद में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।

एटीएस की जांच में पता चला कि यह सिंडिकेट भारत-बांग्लादेश सीमा के जरिए बांग्लादेशी नागरिकों को अवैध रूप से भारत में प्रवेश कराता था। इसके बाद उन्हें भारतीय नागरिक के रूप में स्थापित करने के लिए फर्जी आधार कार्ड, पहचान पत्र और अन्य दस्तावेज तैयार किए जाते थे। गिरोह पर कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर भारतीय पासपोर्ट बनवाने और बांग्लादेशी नागरिकों को विदेश भेजने का भी आरोप है।

मामले की जांच पूरी होने के बाद एटीएस ने सभी आरोपियों के खिलाफ अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया। एटीएस द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और प्रभावी पैरवी के आधार पर एनआईए/एटीएस न्यायालय, लखनऊ ने सोमवार को 15 आरोपियों को अवैध घुसपैठ, जाली दस्तावेज रखने और मानव तस्करी का दोषी करार दिया।

अदालत ने महफूजुर रहमान, खोखन सरदार उर्फ मोहम्मद कय्यूम अंसारी, जमील अहमद उर्फ पोराम उर्फ लाश विश्वास, अलाउद्दीन तारिक उर्फ रिकू विश्वास, हुसैन मोहम्मद फहद उर्फ मानिक दत्ता, सखावत खान उर्फ गोलक मंडल, अल अमीन अहमद उर्फ राजेश विश्वास, असीदिलु इस्लाम उर्फ विजय दास, जैबुल इस्लाम उर्फ गोविंदा दास, राजीब हुसैन उर्फ अजीत दास, मोहीनूर इस्लाम उर्फ रोनी पाल, मेहंदी हसन उर्फ बाबी राय, शाओन अहमद उर्फ पिंटू दास, नूर अमीन तथा मोहम्मद जमील उर्फ हरीश उल्लाह को पांच-पांच वर्ष के कारावास और 10-10 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई।

दोषियों में 13 बांग्लादेशी नागरिक और दो रोहिंग्या नागरिक शामिल हैं। एटीएस के अनुसार, यह कार्रवाई अवैध घुसपैठ और मानव तस्करी के संगठित नेटवर्क के खिलाफ एक बड़ी उपलब्धि है।

--आईएएनएस

एएमटी/डीकेपी