उन्नाव घोटाला मामले में दो कर्मचारी गिरफ्तार, डीएम ने कहा- दोषी बख्शे नहीं जाएंगे
उन्नाव, 12 जून (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में माध्यमिक शिक्षा विभाग से जुड़े 3 करोड़ से अधिक के गबन के मामले को लेकर जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) घनश्याम मीणा ने कहा कि मामले में कथित मास्टरमाइंड और इसमें शामिल कई अन्य कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की गई है। उन्होंने जांच की जानकारी दी और बताया कि जिम्मेदार पाए गए लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने कहा, "पुरवा स्थित एमआरआरएस इंटर कॉलेज के संबंध में हमें शिकायत प्राप्त हुई थी कि वहां वित्तीय अनियमितताएं की जा रही हैं। इस संबंध में हमारे द्वारा तीन सदस्यीय जांच टीम का गठन किया गया, जिसकी अध्यक्षता पीडी, डीआरडीए द्वारा की गई।"
डीएम ने बताया कि जांच टीम द्वारा अभिलेखों का परीक्षण करने पर यह पाया गया कि वहां कार्यरत शिक्षकों के वेतन को बढ़ाकर दिखाया जा रहा था और उसी आधार पर अतिरिक्त धनराशि की निकासी की जा रही थी। साथ ही, कर्मचारियों को दिए जाने वाले एरियर में भी अनियमितताएं पाई गईं।
उन्होंने बताया कि यह पूरा मामला पिछले लगभग चार वर्षों से चल रहा था। सत्यापन के बाद यह सामने आया कि लगभग 3 करोड़ रुपए की धनराशि का गबन किया गया है। इस संबंध में 75 लाख रुपए की रिकवरी भी कराई गई है।
उन्होंने आगे बताया कि मामले में संलिप्त कर्मचारियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया गया है और अब तक दो कर्मचारियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस कार्रवाई जारी है।
इसके साथ ही, डीआईओएस कार्यालय में कार्यरत कर्मचारियों के विरुद्ध भी कार्रवाई की जा रही है। वहीं इंटर कॉलेज में कार्यरत अन्य कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ शासन को कठोर कार्रवाई हेतु रिपोर्ट भेजी जा रही है।
उन्होंने कहा कि केवल गिरफ्तारी ही नहीं, बल्कि यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि शासन स्तर पर सख्त कार्रवाई हो, ताकि भविष्य में इस प्रकार की वित्तीय अनियमितताओं की पुनरावृत्ति न हो।
उन्होंने यह भी बताया कि इस मामले की विस्तृत जांच के लिए एक विशेष ऑडिट टीम गठित करने हेतु शासन को पत्र भेजा जा रहा है, ताकि अन्य इंटर कॉलेजों की भी जांच की जा सके। यदि किसी भी संस्थान में अनियमितता पाई जाती है, तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
--आईएएनएस
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