केंद्रीय बजट 2026–27: जानिए 7 ऐतिहासिक बदलाव जो इसे बनाते हैं खास
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज संसद में वित्त वर्ष 2026–27 का केंद्रीय बजट पेश करने जा रही हैं। केंद्रीय बजट न केवल सरकार की आर्थिक नीतियों का आईना होता है, बल्कि यह देश के हर वर्ग पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से असर डालता है। पिछले कुछ वर्षों में बजट पेश करने की परंपरा में कई बड़े बदलाव आए हैं और इस वर्ष का बजट भी कई मायनों में ऐतिहासिक माना जा रहा है।
आइए समझें इस बजट के 7 ऐतिहासिक बदलाव जो इसे विशेष बनाते हैं:
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संसदीय रिकॉर्ड: निर्मला सीतारमण लगातार नौवीं बार केंद्रीय बजट पेश करेंगी। यह भारतीय संसदीय इतिहास में नया कीर्तिमान है। इससे पहले किसी भी वित्त मंत्री ने लगातार इतने बजट पेश नहीं किए।
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उद्योग और रोजगार पर जोर: इस बार का बजट खास तौर पर रोजगार सृजन और उद्योगिक विकास को केंद्र में रखता है। विशेषकर टेक्सटाइल, आईटी, फार्मास्युटिकल्स और हरी ऊर्जा के क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा मिलेगा।
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डिजिटल और टेक्नोलॉजी निवेश: डिजिटल इंडिया और स्टार्टअप इकोसिस्टम को और मजबूत करने के लिए बजट में नई तकनीकी परियोजनाओं और उद्यमशीलता के लिए वित्तीय प्रोत्साहन की घोषणा की जा सकती है।
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स्वास्थ्य और जनकल्याण: बजट में स्वास्थ्य सुधार और सामाजिक कल्याण योजनाओं के लिए विशेष निधि आवंटित की जाएगी। इसमें ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं और टीकाकरण कार्यक्रमों पर जोर रहेगा।
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कर सुधार और पारदर्शिता: कर नीतियों में सुधार और पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए नए उपाय शामिल किए गए हैं। इससे टैक्स प्रणाली सरल और निवेशकों के अनुकूल बनेगी।
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सिगरेट और तंबाकू उत्पादों पर एक्साइज ड्यूटी: बजट में सिगरेट और तंबाकू उत्पादों पर अधिकतम 40 प्रतिशत तक एक्साइज ड्यूटी बढ़ाने का ऐलान किया गया है। इससे न केवल राजस्व बढ़ेगा बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य में भी सुधार होगा।
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कृषि और ग्रामीण विकास: बजट में किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए नई योजनाओं और सब्सिडी की घोषणाएं की गई हैं। इससे कृषि उत्पादन, रोजगार और ग्रामीण क्षेत्रों का समग्र विकास सुनिश्चित होगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस बजट का प्रभाव केवल आर्थिक नीतियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह सामाजिक और राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण होगा। युवाओं, महिलाओं, निवेशकों और ग्रामीण समाज के लिए यह बजट नए अवसरों और राहत का मार्ग खोलता है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि निर्मला सीतारमण का यह लगातार नौवां बजट भाषण न केवल उनका रिकॉर्ड है, बल्कि मोदी सरकार के स्थिर आर्थिक एजेंडे और दूरदर्शी नीति निर्धारण को भी दर्शाता है।
कुल मिलाकर, केंद्रीय बजट 2026–27 ऐतिहासिक बदलावों, रोजगार और निवेश के अवसर, स्वास्थ्य और शिक्षा सुधार, और सामाजिक कल्याण योजनाओं के कारण देश के हर वर्ग के लिए महत्वपूर्ण साबित होने वाला है। जनता और निवेशक दोनों ही इस बजट की घोषणाओं पर नजर रखे हुए हैं।