यूक्रेन-नॉर्वे के बीच बड़ा रक्षा समझौता, जेलेंस्की ने नॉर्वे के साथ ‘एलिजाबेथ’ समझौते पर किए हस्ताक्षर
नई दिल्ली, 24 अगस्त (आईएएनएस)। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गाहर स्टोर के साथ रक्षा सहयोग और रणनीतिक साझेदारी से जुड़े समझौतों पर हस्ताक्षर किए। दोनों देशों ने रक्षा, ऊर्जा और पुनर्निर्माण के क्षेत्र में सहयोग मजबूत करने पर सहमति जताई।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, ''नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गाहर स्टोर के साथ मिलकर हमने ड्रोन डील प्रारूप में रक्षा सहयोग समझौते और रणनीतिक साझेदारी घोषणा पत्र, यानी 'एलिजाबेथ' समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते का नाम प्रिंस यारोस्लाव द वाइज की बेटी एलिजाबेथ के नाम पर रखा गया है, जो नॉर्वे की रानी थीं।''
जेलेंस्की ने कहा कि ये दस्तावेज रक्षा, ऊर्जा और हमारे लोगों की मजबूती से जुड़े क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच लंबे समय की साझेदारी को और मजबूत आधार प्रदान करते हैं। उन्होंने 2027 के लिए लगभग 9 अरब डॉलर की सहायता जारी रखने और उच्च स्तर का समर्थन बनाए रखने के फैसले के लिए भी धन्यवाद किया।
उन्होंने कहा कि जोनास गाहर स्टोर नॉर्वे की सरकार और पूरे नॉर्वेजियन लोगों का मैं आभार व्यक्त करता हूं कि उन्होंने रूस के पूर्ण पैमाने पर किए गए आक्रमण के शुरुआती दिनों से ही हमारा समर्थन किया है।
जेलेंस्की ने बताया कि उन्होंने अपने करीबी सहयोगियों मेटे फ्रेडरिकसेन, एंड्रीस कुबिलियस, अलेक्जेंडर स्टब, क्रिस्टन मिकाल, गितानास नौसेदा और जोनास गहर स्टोर के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं।
जेलेंस्की ने यूक्रेन के लिए इन महत्वपूर्ण दिनों में हमेशा हमारे साथ खड़े रहने के लिए मैं अपने दोस्तों का धन्यवाद करता हूं। पिछले कुछ वर्षों में हमने उत्तरी यूरोप और बाल्टिक क्षेत्र के हर देश के साथ ऐसी साझेदारियां और दोस्ती बनाई हैं, जिन पर हम गर्व कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि हमारे सहयोग का एजेंडा हमेशा स्पष्ट और व्यावहारिक रहता है। इसमें हमारी वायु रक्षा (एयर डिफेंस) को मजबूत करना, सर्दियों की तैयारियां करना, यूरोपीय एकीकरण को आगे बढ़ाना और संयुक्त रक्षा परियोजनाओं पर काम करना शामिल है। आपकी लगातार मदद करने की तत्परता के लिए धन्यवाद। हमारी ओर से भी हम हर संभव प्रयास कर रहे हैं ताकि यूक्रेन अपने साझेदार देशों को अपनी विशेषज्ञता, युद्ध के अनुभव और तकनीकी क्षमताओं के जरिए और मजबूत बना सके।
--आईएएनएस
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