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यूकेडी ने देवभूमि परिवार आईडी का किया विरोध, राज्यपाल के नाम भेजा ज्ञापन

 

उत्तरकाशी, 17 जून (आईएएनएस)। देवभूमि परिवार आईडी को लेकर प्रदेश में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) ने हाल ही में बनाए गए प्रावधानों का विरोध करते हुए राज्यपाल के नाम जिलाधिकारी उत्तरकाशी के माध्यम से ज्ञापन प्रेषित किया।

जिलाधिकारी की व्यस्तता के कारण ज्ञापन उपजिलाधिकारी उत्तरकाशी को सौंपा गया। पार्टी नेताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि देवभूमि परिवार आईडी के तहत केवल राज्य के मूल निवासियों के हितों को प्राथमिकता नहीं दी गई तो उत्तराखंड क्रांति दल राज्यव्यापी आंदोलन शुरू करेगा।

उत्तराखंड क्रांति दल के एक प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को राज्यपाल के नाम ज्ञापन भेजते हुए देवभूमि परिवार आईडी संबंधी प्रावधानों पर पुनर्विचार करने और उत्तराखंड के मूल निवासियों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। पार्टी नेताओं का कहना था कि इस व्यवस्था में 15 वर्ष से राज्य में निवास कर रहे लोगों को भी पंजीकरण का पात्र बनाए जाने का प्रावधान पृथक उत्तराखंड राज्य आंदोलन की मूल भावना और राज्य गठन के उद्देश्यों के विपरीत है।

यूकेडी के जिलाध्यक्ष पंडित बिहारी लाल जगूड़ी ने कहा कि उत्तराखंड क्रांति दल लंबे समय से राज्य में वर्ष 1950 के आधार पर मूल निवास व्यवस्था लागू करने की मांग करता रहा है। उनका कहना था कि देवभूमि परिवार आईडी के वर्तमान प्रावधान मूल निवासियों के अधिकारों और हितों को प्रभावित करने वाले हैं तथा पार्टी इसका पुरजोर विरोध करती है।

पार्टी की केंद्रीय महामंत्री एवं केंद्रीय महिला प्रकोष्ठ प्रभारी किरन रावत एडवोकेट ने कहा कि सरकार को देवभूमि परिवार आईडी कानून के पीछे की मंशा स्पष्ट करनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा व्यवस्था से बाहरी लोगों के राज्य में बसने की आशंकाएं बढ़ रही हैं, जिससे उत्तराखंड की सांस्कृतिक और सामाजिक पहचान पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

केंद्रीय अनुशासन समिति के अध्यक्ष राकेश सेमवाल ने कहा कि सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि देवभूमि परिवार आईडी का लाभ केवल राज्य के मूल निवासियों को ही मिले। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस विषय पर उचित निर्णय नहीं लिया तो उत्तराखंड क्रांति दल राज्यव्यापी उग्र आंदोलन चलाने के लिए बाध्य होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।

यूकेडी नेताओं ने चारधाम यात्रा के दौरान सामने आई मारपीट तथा शस्त्रों के प्रयोग की घटनाओं पर भी चिंता व्यक्त करते हुए दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की। उनका कहना था कि देवभूमि की शांति, सामाजिक सौहार्द और सांस्कृतिक गरिमा को बनाए रखने के लिए ऐसी घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाया जाना आवश्यक है।

ज्ञापन सौंपने के दौरान जिला उपाध्यक्ष जगत रमोला, जिला प्रचार मंत्री प्रताप रमोला, संदीप राणा, पंकज उनियाल, सुरजीत राणा, मोहित मथुरा, और आशीष नेगी सहित उत्तराखंड क्रांति दल के अनेक पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

--आईएएनएस

डीकेपी/