'उद्धव ठाकरे और दिमाग का कोई संबंध नहीं', चुनाव आयोग पर सवाल उठाने पर भड़के नितेश राणे
मुंबई, 5 अक्टूबर (आईएएनएस)। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और एसआईआर प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर मुंबई में रविवार को शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) प्रमुख उद्धव ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख राज ठाकरे ने संयुक्त रैली निकाली। इस रैली को लेकर भाजपा नेता और मंत्री नितेश राणे ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
नितेश राणे ने कहा कि हम डॉक्टर बाबासाहेब आंबेडकर के संविधान वाले देश में रहते हैं, जहां कानून सबके लिए समान है। अगर किसी को आंदोलन करना है या मोर्चा निकालना है, तो उसके लिए कानून और नियम बने हुए हैं। हर मोर्चे के लिए अनुमति लेनी पड़ती है। अगर बिना अनुमति के मोर्चा निकाला जाएगा तो केस दर्ज होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि ठाकरे परिवार पर केस लेने की आदत नहीं रही है लेकिन इस रैली के आयोजकों पर केस दर्ज होगा और उन्हें कानून का सामना करना चाहिए।
नितेश राणे ने कहा कि अगर राज ठाकरे को लगता है कि एसआईआर में गड़बड़ी है तो उन्हें चुनाव का ही बहिष्कार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यही लोग लोकसभा चुनाव के बाद एसआईआर को रद्द करने या चुनाव को रद्द करने की भाषा नहीं बोल रहे थे क्योंकि तब उद्धव ठाकरे के सांसद चुनकर आए थे।
राणे ने कहा कि अगर चुनाव आयोग पाकिस्तान से भारत में आकर वोटिंग करने वालों को, बुर्का पहनकर चौदह-पंद्रह बार वोटिंग करने वालों को वोटर लिस्ट से बाहर निकाल रहा है और इस देश में रहने वाले सच्चे भारतीय नागरिकों को वोटिंग का अधिकार दे रहा है, तो इसका विरोध क्यों होना चाहिए? इसका तो अभिनंदन होना चाहिए। उन्होंने कहा कि ये पूरा एजेंडा वोट जिहाद के लिए चलाया जा रहा है, जो अब लोगों के सामने एक्सपोज हो रहा है।
उद्धव ठाकरे के उस बयान पर कि जब राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव होता है तो चुनाव आयोग के पद के लिए चुनाव क्यों नहीं होता, नितेश राणे ने कहा कि उद्धव ठाकरे और दिमाग का कभी कोई संबंध नहीं रहा है। चुनाव आयोग पर सवाल उठाने के बजाय उद्धव ठाकरे को यह बताना चाहिए कि कल की रैली के मंच पर उनका बेटा आदित्य ठाकरे क्यों नहीं दिखा।
राणे ने दावा किया कि उनके हिसाब से आदित्य ठाकरे देश छोड़ने की तैयारी में हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि दिशा सालियान केस और दिनो मोरिया की गिरफ्तारी की वजह से आदित्य ठाकरे को डर है कि उन्हें कभी भी जेल में डाला जा सकता है। जिस तरह भगोड़े देश छोड़कर भाग जाते हैं, वैसे ही आदित्य ठाकरे ने भी अपना टिकट बुक कर लिया है। इसलिए उनका पासपोर्ट जब्त किया जाए और लुक आउट नोटिस जारी किया जाए।
उन्होंने आरोप लगाया कि आदित्य ठाकरे का नाम एक मर्डर और गैंगरेप के मामले में तेरह बार एफआईआर में आ चुका है।
नितेश राणे ने कहा कि कांग्रेस और मुस्लिम लीग में ज्यादा फर्क नहीं रह गया है। कांग्रेस वही भाषा बोल रही है जो भारत को तोड़ने और जिहाद का एजेंडा चलाने वाले लोग बोलते हैं। उनका मकसद इलेक्शन कमीशन को बदनाम करना है ताकि उनके वोट जिहाद करने वाले लोगों को खुला मैदान मिल सके।
राणे ने चुनौती देते हुए कहा कि कभी कुरान में क्या लिखा है, इस पर बोलकर दिखाएं। इस्लाम को किस तरह से देखा जाना चाहिए, इस पर भी बोलने की हिम्मत दिखाएं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान और जिहादियों की भाषा और कांग्रेस नेताओं की भाषा एक जैसी लगती है। जो बातें अलकायदा के कैंप में सिखाई जाती होंगी, वही बातें कांग्रेस के नेताओं की जुबान पर सुनाई देती हैं। उनका एजेंडा तय है कि गजवा-ए-हिंद के तहत देश को इस्लामिक राष्ट्र बनाना है और इसमें कांग्रेस जिहादियों की सबसे बड़ी समर्थक है।
--आईएएनएस
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