'समान नागरिक संहिता' पर रामदास आठवले ने कहा- यूसीसी से बढ़ेगा विश्वास
भुवनेश्वर, 24 जून (आईएएनएस)। केंद्रीय राज्यमंत्री रामदास आठवले ने महाराष्ट्र में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर चल रही चर्चा पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी का मानना है कि देश में समान नागरिक संहिता लागू होनी चाहिए। आठवले ने कहा कि कई राज्यों में इस दिशा में पहले ही कदम उठाए जा चुके हैं और ऐसे कानून से समाज में समानता और विश्वास को बढ़ावा मिलेगा।
पत्रकारों से बातचीत के दौरान रामदास आठवले ने कहा कि महाराष्ट्र में यूनिफॉर्म सिविल कोड को लेकर चर्चा हो रही है, जबकि देश के कुछ राज्यों में इस तरह के कानून पहले से लागू हैं। यूसीसी लागू होने से अलग-अलग समुदायों के बीच कानून को लेकर मौजूद असमानता की भावना कम हो सकती है।
केंद्रीय राज्यमंत्री ने कहा, "मेरी पार्टी का मानना है कि यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू किया जाना चाहिए, क्योंकि ऐसे कानून के न होने से हिंदुओं और मुसलमानों के बीच अधिक विवाद और अविश्वास पैदा हुआ है। कई लोगों के मन में यह भावना रहती है कि अलग-अलग समुदायों के लिए अलग-अलग नियम हैं, जिसे समान कानून के माध्यम से दूर किया जा सकता है।"
वहीं, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के परिवार और उनकी रियल एस्टेट कंपनियों द्वारा उज्जैन में कई एकड़ जमीन खरीदे जाने की खबरों पर भी रामदास आठवले ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उन्हें इस मामले की पूरी जानकारी नहीं है, लेकिन अगर किसी तरह के आरोप सामने आए हैं तो उनके पीछे शिकायत या राजनीतिक कारण हो सकते हैं।
आठवले ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को लेकर कहा कि वह एक ईमानदार राजनेता हैं। उन पर लगाए जा रहे आरोप विपक्षी दलों या विपक्ष के कुछ नेताओं की ओर से उनकी छवि खराब करने की कोशिश का हिस्सा हो सकते हैं। अगर मामले में जांच के लिए कोई ठोस आधार मौजूद है तो जांच की जा सकती है। जांच किसी भी आरोप की सच्चाई सामने लाने का उचित माध्यम है। हालांकि, उन्होंने दोहराया कि उन्हें इस मामले से जुड़ी पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं है।
उन्होंने कहा कि विपक्ष की ओर से लगाए गए आरोपों के पीछे राजनीतिक उद्देश्य हो सकते हैं, लेकिन यह उनकी व्यक्तिगत राय और अनुमान है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले तथ्यों और जांच के परिणामों को देखना जरूरी है।
--आईएएनएस
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