यूएई ने बराकाह न्यूक्लियर प्लांट हमले पर यूएनएससी के बयान का किया स्वागत
अबू धाबी, 27 मई (आईएएनएस)। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) के उस बयान का स्वागत किया है, जिसमें 17 मई को बराकाह न्यूक्लियर पावर प्लांट पर हुए ड्रोन हमले को लेकर “चिंता” जताई गई थी।
यूएन में यूएई मिशन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर यूएनएससी के बयान को साझा किया। यूएई ने कहा कि परिषद ने एकजुट होकर स्पष्ट संदेश दिया है कि यूएई में नागरिकों और नागरिक ढांचे पर सभी हमले तुरंत और स्थायी रूप से बंद होने चाहिए। इसमें शांतिपूर्ण परमाणु सुविधाओं को निशाना बनाना या उन्हें धमकी देना भी शामिल है।
मिशन ने यह भी कहा कि इस “आक्रामकता” के लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए, जिसमें वे तत्व भी शामिल हैं जो प्रॉक्सी (छद्म) नेटवर्क के जरिए काम कर रहे हैं।
इससे पहले यूएई के विदेश मंत्रालय ने इराक से भी अपील की थी कि वह अपने क्षेत्र से होने वाली किसी भी प्रकार की शत्रुतापूर्ण गतिविधि को रोके, जो इस ड्रोन हमले से जुड़ी हो सकती है।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने संयुक्त अरब अमीरात के बराकाह न्यूक्लियर पावर प्लांट पर हुए ड्रोन हमले की सख्त शब्दों में निंदा की और इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन बताते हुए कहा कि इस हमले से नागरिकों, बुनियादी ढांचे और पर्यावरण को बड़ा खतरा पैदा हुआ है।
26 मई को यूएनएससी ने बराकाह हमले की निंदा करते हुए बयान जारी किया। इस बयान में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सदस्यों ने संबंधित प्रस्तावों और अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) की महासभा के निर्णयों का हवाला देते हुए शांतिपूर्ण परमाणु सुविधाओं पर किसी भी तरह के हमले या धमकी को लेकर भी गहरी चिंता जताई।
परिषद ने आईएईए के महानिदेशक के उस बयान का भी उल्लेख किया, जिसमें इस घटना पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा गया था कि परमाणु सुरक्षा को खतरे में डालने वाली कोई भी सैन्य गतिविधि स्वीकार्य नहीं है।
सदस्यों ने सभी देशों से अपील की कि वे परमाणु सुरक्षा और संरक्षा के उच्चतम मानकों का पालन करें और ऐसी किसी भी कार्रवाई से बचें जिससे परमाणु प्रतिष्ठानों की सुरक्षा को खतरा हो।
साथ ही उन्होंने दोहराया कि बराकाह न्यूक्लियर पावर प्लांट को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार डिजाइन, निर्माण और संचालन किया गया है और यह यूएई की संघीय परमाणु नियामक प्राधिकरण और आईएईए की सुरक्षा गाइडलाइंस के तहत काम कर रहा है।
17 मई को यूएई के बराकाह न्यूक्लियर पावर प्लांट पर ड्रोन हमला हुआ था। प्लांट के बाहर मौजूद जनेरेटर को इससे नुकसान पहुंचा था।
--आईएएनएस
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