यूएई में बजा मिसाइल हमले का अलर्ट, थोड़ी देर बाद हालात हुए सामान्य
अबू धाबी, 4 मई (आईएएनएस)। ईरान-अमेरिका के बीच जारी अस्थायी संघर्ष के बीच अचानक ही यूएई में कुछ ऐसा हुआ जिसने उन दिनों की याद दिला दी जब आसमान से बम बरसते थे। होर्मुज में जारी तनाव के बीच यूएई में मिसाइल अलर्ट सुनाई दिया। अस्थायी संघर्ष विराम के बाद पहली बार ऐसा हुआ।
हालांकि इसके थोड़ी देर बाद फोन अलर्ट ने राहत की खबर सुनाई। इसमें लिखा था कि हालात अब सामान्य हैं, सब सुरक्षित हैं। आम जनता से कहा गया कि अब वो सामान्य गतिविधि शुरू कर सकते हैं।
दरअसल, इससे कुछ देर पहले ही स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में यूएई के एक तेल टैंकर पर ड्रोन हमले की खबर आई थी। जिसकी सख्त शब्दों में निंदा करते हुए यूएई विदेश मंत्रालय ने कहा ये समुद्री डकैती समान है।
यूएई की सरकारी तेल कंपनी एडीएनओसी के अनुसार, ओमान तट के पास एमवी बाराकाह नामक टैंकर पर दो ड्रोन से हमला किया गया। इसमें कोई जनहानि नहीं हुई क्योंकि जहाज उस समय खाली था।
यूएई के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाना और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का इस्तेमाल आर्थिक दबाव या ब्लैकमेल के रूप में करना “समुद्री डकैती” के समान है। मंत्रालय ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) द्वारा की गई।
इस हमले की गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (जीसीसी) ने भी निंदा की। जीसीसी के महासचिव जसीम मोहम्मद अल-बदावी ने होर्मुज स्ट्रेट में एक अमीराती तेल टैंकर पर ईरानी हमले की “कड़े शब्दों में” निंदा की। कथित तौर पर जब जहाज समुद्र में था, तो उस पर दो सुसाइड ड्रोन ने हमला किया।
अल-बदावी ने जीसीसी वेबसाइट पर जारी एक बयान में कहा, “स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों को निशाना बनाकर ईरान के इन क्रूर हमलों को जारी रखना समुद्री डकैती है और समुद्री रास्तों और स्ट्रेट की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है।”
वर्तमान स्थिति संवेदनशील बनी हुई है; होर्मुज तनाव चरम पर है। अमेरिका के “प्रोजेक्ट फ्रीडम" अभियान के तहत जहाजों को सुरक्षित निकालने की योजना और ईरान की चेतावनियों ने पूरे क्षेत्र को सैन्य रूप से हाई अलर्ट पर ला दिया है। अमेरिका ने फंसे हुए कमर्शियल जहाजों को ग्लोबल ट्रेड के लिए जरूरी बताया, दावा किया कि प्रतिबंधित जलमार्ग से “गाइड” करने के लिए नेवल ऑपरेशन शुरू किया है।
--आईएएनएस
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