टीवीके के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने एनसीडब्ल्यू से की शिकायत, तंजावुर में नेता प्रतिपक्ष के बयान पर आपत्ति
नई दिल्ली, 4 अगस्त (आईएएनएस)। टीवीके के राष्ट्रीय प्रवक्ता पझा सेल्वाकुमार ने राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) से दखल की मांग की है। उन्होंने तंजावुर में 3 अगस्त को हुई एक राजनीतिक रैली में तमिलनाडु के नेता प्रतिपक्ष द्वारा महिलाओं के खिलाफ की गई टिप्पणियों को लेकर आयोग को पत्र लिखा है।
पत्र में कहा गया है कि तंजावुर में कावेरी जल बंटवारे के मुद्दे पर हुई एक सार्वजनिक सभा के दौरान नेता प्रतिपक्ष उदयनिधि स्टालिन ने मंच से आपत्तिजनक और दो-अर्थी बातें कहीं। आरोप है कि भीड़ के नारों के बीच उन्होंने एक जानी-मानी महिला सार्वजनिक हस्ती को लेकर अभद्र इशारे और अपशब्दों का इस्तेमाल किया।
टीवीके प्रवक्ता ने इसे बेहद गंभीर बताया। उन्होंने पत्र में कहा कि इस तरह की भाषा जब किसी बड़े राजनीतिक मंच से बोली जाती है तो इससे समाज में महिलाओं के प्रति अपमानजनक सोच को बढ़ावा मिलता है। सार्वजनिक जीवन में महिलाओं के साथ होने वाले मौखिक दुर्व्यवहार को यह सामान्य बना देता है।
पत्र में लिखा गया कि एक जनप्रतिनिधि से जिस शालीनता और मर्यादा की उम्मीद की जाती है, इस बयान से वह आहत हुई है। साथ ही यह महिलाओं के सम्मान के लिए गलत मिसाल भी पेश करता है।
पझा सेल्वाकुमार ने राष्ट्रीय महिला आयोग से तीन प्रमुख कदम उठाने का अनुरोध किया है। जिसमें, आयोग को तंजावुर रैली के भाषण और वीडियो फुटेज का संज्ञान लेने, नेता प्रतिपक्ष को नोटिस भेजकर महिलाओं के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा इस्तेमाल करने पर बिना शर्त सार्वजनिक माफी मांगने का जिक्र किया गया है।
इसके साथ ही पत्र में मांग की गई है कि कानून लागू करने वाली एजेंसियों को निर्देश दिए जाएं कि वे भारतीय न्याय संहिता के तहत महिलाओं की लज्जा भंग करने के आरोप में मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू करें।
पत्र में कहा गया कि एनसीडब्ल्यू का काम ही महिलाओं के अधिकारों और सम्मान की रक्षा करना है। टीवीके को पूरा भरोसा है कि आयोग इस शिकायत को गंभीरता से लेगा और उचित कदम उठाएगा ताकि भविष्य में सार्वजनिक मंचों से इस तरह की भाषा पर रोक लग सके। टीवीके ने इस पूरे मामले को महिलाओं की गरिमा से जोड़ते हुए तुरंत कार्रवाई की मांग की है।
--आईएएनएस
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