टीवीके गठबंधन का नाम 'सेक्युलर सोशल जस्टिस विक्ट्री अलायंस', सीएम विजय चुने गए नेता
चेन्नई, 9 सितंबर (आईएएनएस)। तमिलगा वेत्री कड़गम (टीवीके) सरकार का समर्थन कर रहे राजनीतिक दलों ने अपने गठबंधन का औपचारिक नाम 'सेक्युलर सोशल जस्टिस विक्ट्री अलायंस' रखा है। साथ ही तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय को गठबंधन का नेता चुना गया है।
यह फैसला बुधवार को चेन्नई के पनैयूर स्थित टीवीके मुख्यालय में गठबंधन सहयोगी दलों के दूसरे दौर के विचार-विमर्श के दौरान लिया गया। विजय की अध्यक्षता में हुई यह बैठक शाम चार बजे शुरू हुई और करीब 90 मिनट तक चली।
विधानसभा चुनाव में टीवीके 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी, लेकिन अपने दम पर सरकार बनाने के लिए आवश्यक बहुमत से पीछे रह गई थी। इसके बाद कांग्रेस, विदुथलाई चिरुथैगल काची (वीसीके), इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) और दो वामपंथी दलों समेत पूर्व डीएमके गठबंधन के कई घटकों ने टीवीके को समर्थन दिया।
बाद में वीसीके और आईयूएमएल विजय मंत्रिमंडल में शामिल हो गए, जबकि भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई-एम) ने सरकार को बाहर से समर्थन देने का फैसला किया।
टीवीके नीत गठबंधन को औपचारिक स्वरूप और पहचान देने की प्रक्रिया एक जुलाई को चेन्नई के कोवलम स्थित एक निजी होटल में हुई पहली परामर्श बैठक से शुरू हुई थी। उस बैठक में कांग्रेस, वीसीके, एमडीएमके और आईयूएमएल के प्रतिनिधि शामिल हुए थे, जबकि सीपीआई और सीपीआई-एम ने हिस्सा नहीं लिया था।
बुधवार की बैठक के लिए टीवीके के वरिष्ठ पदाधिकारियों और मंत्रियों आनंद, आधव अर्जुना और निर्मल कुमार ने सभी सहयोगी दलों को व्यक्तिगत रूप से आमंत्रित किया था। हालांकि, सीपीआई और सीपीआई-एम ने पहले ही बैठक का बहिष्कार करने की घोषणा कर दी थी।
बैठक में कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर, सांसद प्रवीण चक्रवर्ती और कांग्रेस विधायक दल की नेता थरहाई कथबर्ट, एमडीएमके महासचिव वाइको और सांसद दुरई वाइको, आईयूएमएल के राष्ट्रीय अध्यक्ष के.एम. कादर मोहिदीन और मंत्री शाहजहां, तथा वीसीके अध्यक्ष थोल. तिरुमावलवन, सांसद रविकुमार और सिंधनै सेल्वन समेत कई नेता मौजूद रहे।
बैठक में गठबंधन दलों के बीच समन्वय और परामर्श की व्यवस्था को मजबूत करने पर भी चर्चा हुई। गठबंधन ने कहा कि नया नाम उसके साझा वैचारिक एजेंडे- धर्मनिरपेक्षता, सामाजिक न्याय और सुशासन को दर्शाता है तथा भविष्य के चुनावों और जन अभियानों में उसे एक अलग राजनीतिक पहचान देगा।
--आईएएनएस
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