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टीटीडी घी मिलावट घोटाला: ईडी ने जब्त की 129.85 करोड़ रुपए की संपत्ति

 

हैदराबाद, 14 अक्टूबर (आईएएनएस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के हैदराबाद जोनल ऑफिस ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत भोले बाबा ऑर्गेनिक डेयरी मिल्क प्राइवेट लिमिटेड और वैष्णवी डेयरी स्पेशलिटीज प्राइवेट लिमिटेड, उनके प्रमोटर विपिन जैन और पोमिल जैन और उनके परिवार के सदस्यों; सुकृति फूड्स प्राइवेट लिमिटेड, उसके प्रमोटर कैलाश चंद मंगला और उनके परिवार के सदस्यों; और अन्य संबंधित संस्थाओं/व्यक्तियों की 129.85 करोड़ रुपए की चल और अचल संपत्ति को अस्थायी रूप से जब्त किया है।

ईडी की ओर से यह कार्रवाई तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) में घी में मिलावट के धोखाधड़ी मामले में चल रही मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत की गई है।

ईडी की जांच तिरुपति ईस्ट पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की गई थी। इस एफआईआर में टीटीडी को मिलावटी घी की धोखाधड़ी से सप्लाई करने में आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, जालसाजी और भ्रष्टाचार का आरोप लगाया गया था।

जांच करने वाली एजेंसी ने नेल्लोर में एसपीई और एसीबी मामलों के विशेष न्यायाधीश के समक्ष एक चार्जशीट और एक सप्लीमेंट्री चार्जशीट दायर की। इसमें भगवान वेंकटेश्वर के पवित्र लड्डू प्रसाद को बनाने के लिए टीटीडी को मिलावटी घी सप्लाई करने की एक बड़ी आपराधिक साजिश का खुलासा किया गया, जिससे टीटीडी के साथ धोखाधड़ी हुई, सार्वजनिक स्वास्थ्य को खतरा पहुंचा और भारी गैर-कानूनी कमाई हुई।

पीएमएलए के तहत जांच से पता चला है कि भोले बाबा ने सीधे और फ्रंट डेयरियों के जरिए टीटीडी को 234.5 करोड़ रुपए की मिलावटी घी सप्लाई की थी। असल में यह घी भोले बाबा और सुकृति फूड्स की फैक्ट्रियों में रिफाइंड पाम ऑयल, पाम कर्नेल ऑयल और पामोलिन को मोनो-ग्लिसराइड्स, एसिटिक एसिड एस्टर, लैक्टिक एसिड और बीटा-कैरोटीन जैसे केमिकल्स के साथ मिलाकर बनाई जाती थी और इसे खाने योग्य तेल के तौर पर इनवॉइस किया जाता था।

हिसाब-किताब को सही दिखाने के लिए, इस्तेमाल किए गए पाम ऑयल को फर्जी खरीदारों को बेचा हुआ दिखाया गया, जबकि असली डेयरी ऑपरेशन दिखाने के लिए दूध और घी की फर्जी खरीद और स्किम्ड मिल्क जैसे बाय-प्रोडक्ट्स की फर्जी बिक्री दर्ज की गई। फर्जी खरीद के लिए बैंकिंग चैनलों से किए गए पेमेंट हवाला चैनलों के जरिए कैश में वापस आए। इस कैश का इस्तेमाल नकली पाम-ऑयल खरीदारों को फंड देने, फ्रंट डेयरियों को कमीशन देने और धोखाधड़ी से जुड़े दूसरे लोगों को पेमेंट करने में किया गया।

इससे पहले ईडी ने मुख्य साजिशकर्ताओं, फ्रंट डेयरियों, केमिकल सप्लायरों और अकोमोडेशन-एंट्री प्रोवाइडरों से जुड़ी उत्तराखंड, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, दिल्ली, राजस्थान और आंध्र प्रदेश की 16 जगहों पर 3 जून 2026 को तलाशी ली थी। इसमें 2.7 करोड़ रुपए का कैश और बैंक बैलेंस जब्त/फ्रीज किया गया था।

ईडी ने भोले बाबा ऑर्गेनिक डेयरीमिल्क प्राइवेट लिमिटेड और सुकृति फूड्स प्राइवेट लिमिटेड के प्रमोटर और डायरेक्टर विपिन जैन और कैलाश चंद मंगला को भी गिरफ्तार किया है। इन्होंने ही मिलावटी घी बनाने और टीटीडी को उसकी धोखाधड़ी से सप्लाई करने की साजिश रची थी। इस मामले में अब तक कुल 132.55 करोड़ रुपए की संपत्ति अटैच की गई है, जिसमें पीएमएलए की धारा 17 के तहत जब्ती और फ्रीजिंग भी शामिल है।

--आईएएनएस

डीके/डीकेपी