×

ईरान युद्ध पर ट्रंप के सनसनीखेज दावे: “ईरान की आर्मी-नेवी तबाह, लीडरशिप भी खत्म”

 

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य टकराव ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। इसी बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने युद्ध को लेकर कई बड़े और सनसनीखेज दावे किए हैं। ट्रंप का कहना है कि अमेरिकी और सहयोगी देशों की सैन्य कार्रवाई में ईरान की सेना, नौसेना और सैन्य ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है।

ट्रंप ने अपने बयान में दावा किया कि अमेरिकी हमलों के बाद ईरान की वायु रक्षा प्रणाली, वायुसेना और नौसेना लगभग पूरी तरह नष्ट हो चुकी है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के कई शीर्ष सैन्य और राजनीतिक नेताओं को भी इस अभियान में खत्म कर दिया गया है। ट्रंप के अनुसार, अब ईरान के पास लड़ाई जारी रखने की क्षमता काफी कमजोर हो चुकी है।

रिपोर्टों के मुताबिक अमेरिका और उसके सहयोगियों ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों, कमांड सेंटर और मिसाइल सुविधाओं को निशाना बनाया। इन हमलों में नौसेना के जहाज, सैन्य अड्डे और कम्युनिकेशन नेटवर्क भी तबाह हुए हैं। अमेरिकी सेना का दावा है कि इस अभियान के दौरान बड़ी संख्या में ईरानी सैन्य संसाधनों को नष्ट कर दिया गया।

इससे पहले ट्रंप ने यह भी कहा था कि अमेरिकी सैन्य कार्रवाई में ईरान के कई युद्धपोत समुद्र में डुबो दिए गए हैं। कुछ रिपोर्टों में बताया गया कि अमेरिकी हमलों में कई ईरानी नौसैनिक जहाजों को नष्ट किया गया और नौसेना के मुख्यालय को भी भारी नुकसान पहुंचा।

ट्रंप ने ईरान को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि अगर संघर्ष खत्म करना है तो उसे “बिना शर्त आत्मसमर्पण” करना होगा। उनका कहना है कि अब बातचीत के लिए बहुत देर हो चुकी है और अमेरिका अपनी सैन्य कार्रवाई जारी रखेगा जब तक कि ईरान पूरी तरह पीछे नहीं हट जाता।

हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पूरी पुष्टि नहीं हो पाई है। दूसरी ओर ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। रिपोर्टों के अनुसार इस संघर्ष में कई देशों के सैन्य ठिकानों और नागरिक इलाकों पर भी असर पड़ा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह संघर्ष लंबे समय तक जारी रहा तो इसका असर वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। खासकर तेल बाजार, समुद्री व्यापार और क्षेत्रीय सुरक्षा पर इसका बड़ा प्रभाव पड़ने की आशंका है। फिलहाल दुनिया की नजरें इस संघर्ष पर टिकी हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय लगातार दोनों पक्षों से संयम बरतने और युद्ध को कूटनीतिक रास्ते से खत्म करने की अपील कर रहा है।