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ट्रंप की प्रस्तावित भारत यात्रा पर बोले कीर्ति वर्धन सिंह- मौजूदा समय में वैश्विक जियो-इकोनॉमिक्स तेजी से बदल रही

 

गोंडा, 27 जून (आईएएनएस)। विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की प्रस्तावित भारत यात्रा को लेकर अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि मौजूदा समय में वैश्विक जियो-इकोनॉमिक्स तेजी से बदल रही है और अंतरराष्ट्रीय संबंधों का स्वरूप भी पहले की तुलना में अधिक गतिशील हो गया है।

उन्होंने कहा कि आज का दौर ऐसा है, जहां विश्व के लगभग सभी देश अपने राष्ट्रीय हितों, आर्थिक विकास और नागरिकों के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहे हैं। इसी कारण देश आपसी सहयोग को बढ़ावा देने के लिए मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) कर रहे हैं, नई आर्थिक साझेदारियां स्थापित कर रहे हैं और बहुपक्षीय संबंधों को मजबूत बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

कीर्ति वर्धन सिंह ने आईएएनएस से बातचीत के दौरान कहा कि वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में अर्थव्यवस्था सबसे महत्वपूर्ण कारक बनकर उभरी है। दुनिया भर के उद्योग, कॉरपोरेट क्षेत्र और व्यापारिक गतिविधियां अब एक-दूसरे देशों से गहराई से जुड़ी हुई हैं।

उन्‍होंने कहा कि प्रत्येक देश ऊर्जा सुरक्षा और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नए आर्थिक साझेदार तलाश रहा है तथा अपने दीर्घकालिक रणनीतिक विजन के अनुरूप अंतरराष्ट्रीय संबंध विकसित कर रहा है। उन्होंने कहा कि यही वजह है कि वैश्विक स्तर पर देशों के बीच आर्थिक सहयोग और रणनीतिक साझेदारी का महत्व लगातार बढ़ रहा है।

कीर्ति वर्धन ने कहा कि एक समय अमेरिका को यह महसूस होता था कि भारत में निर्मित उत्पाद वहां अपेक्षाकृत कम शुल्क पर पहुंच रहे हैं, जिससे उसे प्रतिस्पर्धा की चिंता रहती थी। हालांकि, अब प्रधानमंत्री मोदी की पहल पर दोनों देशों के बीच व्यापार वार्ताओं के माध्यम से विभिन्न मुद्दों का समाधान निकल रहा है और द्विपक्षीय संबंधों में सकारात्मक संतुलन स्थापित हो रहा है।

उन्होंने कहा कि इससे न केवल भारत और अमेरिका, बल्कि दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं को भी लाभ मिल रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह परिवर्तन केवल भारत और अमेरिका तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी दुनिया में आर्थिक प्राथमिकताओं और व्यापारिक संबंधों को लेकर व्यापक बदलाव देखने को मिल रहे हैं।

विदेश राज्य मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने जब से देश की बागडोर संभाली है, उनका प्रमुख उद्देश्य भारत को आर्थिक, सामरिक और वैश्विक स्तर पर अधिक मजबूत बनाना रहा है। दूसरी ओर, राष्ट्रपति ट्रंप का भी प्रमुख लक्ष्य 'मेक अमेरिका ग्रेट अगेन' के संकल्प को आगे बढ़ाना रहा है।

कीर्ति वर्धन सिंह ने कहा कि यदि दोनों नेताओं के दृष्टिकोण को व्यापक परिप्रेक्ष्य में देखा जाए तो दोनों की प्राथमिकताओं में काफी समानता दिखाई देती है, क्योंकि दोनों अपने-अपने देशों के हितों को सर्वोच्च स्थान देते हुए विकास और आर्थिक मजबूती पर विशेष जोर देते हैं।

--आईएएनएस

एएसएच/एबीएम