ट्रंप के 'लेक ओंटारियो' नाम बदलने के आदेश पर भड़के कनाडाई पीएम कार्नी, बोले- 400 साल पुराना है इतिहास, यही रहेगा नाम
नई दिल्ली, 28 अगस्त (आईएएनएस)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संघीय सरकार को 'लेक ओंटारियो' झील का नाम बदलने का आदेश दिया है, जिस पर कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि झील का इतिहास 400 साल पुराना है और सब जानते हैं कि इसका सही नाम 'लेक ओंटारियो' पहले से है और आगे भी रहेगा।
मार्क कार्नी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पोस्ट में लिखा, ''लेक ओंटारियो का नाम 'वेंडैट' भाषा के शब्द 'ओंटारियो' से आया है, जिसका सही मतलब है, 'झील सुंदर है, झील बड़ी है।' यह नाम 400 साल से भी ज्यादा पुराना है। यह कनाडा के कॉन्फेडरेशन के गठन और संयुक्त राज्य अमेरिका की स्वतंत्रता घोषणा, दोनों से पहले का है।''
कार्नी ने कहा कि हम जानते हैं कि अमेरिका बदल रहा है। उसके व्यापारिक संबंध, उसकी विदेश नीतियां, उसके राष्ट्रीय स्मारक और यहां तक कि उसके जलाशयों के नाम भी बदल रहे हैं। लेकिन कनाडाई यह भी जानते हैं कि हकीकत को सही नाम से पुकारने का मतलब है उसे 'लेक ओंटारियो' कहना, और यह नाम पहले भी 'लेक ओंटारियो' था, आज भी है और हमेशा रहेगा।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संघीय सरकार को 'लेक ओंटारियो' का नाम बदलकर 'लेक अमेरिका' करने का आदेश दिया है। उन्होंने इसके पीछे झील के आर्थिक महत्व और ग्रेट लेक्स की सुरक्षा में अमेरिका की प्रमुख भूमिका का हवाला दिया।
'लेक ओंटारियो' अमेरिका और कनाडा दोनों के बीच साझा झील है और दोनों देशों की सीमा इसी झील के बीच से गुजरती है।
आदेश में ट्रंप ने कहा, "संयुक्त राज्य अमेरिका ग्रेट लेक्स का सबसे बड़ा संरक्षक है, जिसमें वह जल क्षेत्र भी शामिल है जिसे फिलहाल 'लेक ओंटारियो' कहा जाता है।"
उन्होंने कहा, "अगर अमेरिका सुरक्षा और निवेश न करता, तो यह मीठे पानी की प्रणाली आज की तरह शिपिंग, मनोरंजन और जिम्मेदार उपयोग के लिए इतनी खुली नहीं होती।"
ट्रंप ने दावा किया कि ग्रेट लेक्स क्षेत्र में चलने वाले 11 आइस-ब्रेकिंग जहाजों में से 9 अमेरिकी तटरक्षक बल (कोस्ट गार्ड) संचालित करता है और व्यापारिक जहाजों के मार्गों को बिना किसी शुल्क के खुला रखता है।
ट्रंप ने कहा, "यह झील अमेरिका के भविष्य और वैश्विक अर्थव्यवस्था को आकार देने में आगे भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रहेगी।"
उन्होंने कहा, "इस समृद्ध आर्थिक संसाधन और हमारी अर्थव्यवस्था एवं नागरिकों के लिए इसके महत्वपूर्ण योगदान को देखते हुए, मैं निर्देश देता हूं कि इस झील का आधिकारिक नाम बदलकर 'लेक अमेरिका' किया जाए।"
बोर्ड को यह निर्देश भी जारी करना होगा कि सभी सरकारी विभाग और संघीय एजेंसियां नक्शों, अनुबंधों, दस्तावेजों और आधिकारिक संचार में 'लेक अमेरिका' नाम का उपयोग करें।
--आईएएनएस
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