ट्रंप का आरोप- अमेरिका-ईरान वार्ता में फर्जी लोग और झूठे दावे शामिल, जल्द होगा खुलासा
नई दिल्ली, 8 अप्रैल (आईएएनएस)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका-ईरान बातचीत को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि कई लोग फर्जी दावे और बेकार प्रस्ताव भेजकर बातचीत को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन अमेरिका सिर्फ एक मान्य समूह के साथ ही गंभीरता से चर्चा कर रहा है।
ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर पोस्ट किया, ''बहुत से लोग ऐसे समझौते, सूचियां और चिट्ठियां भेज रहे हैं, जिनका अमरिका-ईरान की बातचीत से कोई लेना-देना नहीं है। कई मामलों में वे पूरी तरह से धोखेबाज, ठग और उससे भी बदतर लोग हैं। हमारी संघीय जांच पूरी होने के बाद उनकी पोल जल्द ही खुल जाएगी।''
ट्रंप ने कहा, ''केवल एक ही समूह के कुछ महत्वपूर्ण प्वाइंट हैं जिन्हें संयुक्त राज्य अमेरिका स्वीकार करता है, और हम बातचीत के दौरान बंद दरवाजों के पीछे उन पर चर्चा करेंगे। ये वही प्वाइंट हैं जिनके आधार पर हम युद्धविराम के लिए सहमत हुए थे। यह कुछ ऐसा है जो उचित है, और जिसे आसानी से सुलझाया जा सकता है।
ट्रंप ने आगे कहा कि यह काफी हद तक कल रात की 'फेक न्यूज सीएनएन' जैसा ही है, जिसने एक ऐसे "सोर्स" की खबर को सुर्खियां बनाया था, जिसके पास कोई अधिकार या सत्ता नहीं थी, फिर भी उसने एक ऐसी चिट्ठी लिखी, जिसमें उसने बहुत बड़े अधिकार होने का दावा किया था।
बता दें अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी संघर्ष में 40 दिन बाद हालात कुछ बदले हैं। दो हफ्ते के सीजफायर की घोषणा के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ मिलकर काम करने की बात कही है।
दो हफ्तों के सीजफायर के ऐलान के साथ ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शांति और सहयोग की दिशा में बड़ा संकेत दिया है। ट्रंप ने इसे दुनिया के लिए 'बड़ा दिन' बताते हुए कहा कि ईरान अब संघर्ष से थक चुका है और पुनर्निर्माण की राह पर आगे बढ़ना चाहता है।
ट्रंप ने कहा, ''हम ईरान के साथ टैरिफ और प्रतिबंधों में राहत देने के मुद्दे पर बातचीत कर रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे। 15 में से कई बिंदुओं पर पहले ही सहमति बन चुकी है। इस मामले पर ध्यान देने के लिए आपका धन्यवाद।''
वहीं, संघर्ष-विराम की घोषणा के बाद अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने एक कार्यक्रम के दौरान संघर्ष विराम को "नाजुक" करार देते हुए कहा कि यह समझौता फिलहाल केवल शुरुआती चरण में है और इसकी स्थिरता अनिश्चित बनी हुई है।
यह संघर्ष विराम अमेरिका की ओर से ईरान को दिए गए अल्टीमेटम के बाद हुआ, जिसमें प्रमुख समुद्री मार्गों को खोलने और वैश्विक व्यापार को प्रभावित करने वाली गतिविधियों को रोकने की शर्त रखी गई थी। वेंस ने बताया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर वार्ताकारों ने यह स्पष्ट किया था कि समुद्री मार्ग को खोलने के बदले युद्धविराम लागू किया जाएगा।
--आईएएनएस
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