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ट्रांस-अरुणाचल राजमार्ग भूमि अधिग्रहण मुआवजा घोटाला मामले में ईडी ने 2.37 करोड़ की संपत्ति कुर्क की

 

नई दिल्ली, 28 मार्च (आईएएनएस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) इटानगर उप-क्षेत्रीय कार्यालय ने ट्रांस-अरुणाचल राजमार्ग (टीएएच) भूमि अधिग्रहण मुआवजा घोटाले के संबंध में लगभग 2.37 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्ति अस्थाई रूप से जब्त की है। यह कुर्की पीएमएलए की धारा 5(1) के तहत 23 मार्च को अस्थाई कुर्की आदेश के बाद की गई है।

इन संपत्तियों में कुरुंग कुमे जिले के न्यापिन क्षेत्र के डोलो गांव में स्थित 47,350 वर्ग मीटर भूमि शामिल है, जो तदार बाबिन के नाम पर दर्ज है। इसके अलावा, केयी पन्योर जिले के याचुली क्षेत्र के जाथ गांव में स्थित एक पारंपरिक मकान भी है, जो लिखा माज के नाम पर है। ये संपत्तियां सरकारी मुआवजा निधि के फर्जी तरीके से डायवर्जन (दुरुपयोग) के जरिए हासिल की गई हैं।

यह जांच ट्रांस-अरुणाचल राजमार्ग (टीएएच) परियोजना (पोटिन-बोपी खंड) के तहत भूमि अधिग्रहण मुआवजे के आकलन और वितरण में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं से संबंधित है। तथ्य-जांच समिति (एफएफसी) के निष्कर्षों से पता चला है कि

स्वीकार्य मुआवजे के मुकाबले लगभग 44.98 करोड़ रुपए का अतिरिक्त भुगतान किया गया, जिसके परिणामस्वरूप सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ। जांच में कई लोक सेवकों और निजी व्यक्तियों की संलिप्तता का खुलासा हुआ है। जिनमें जीरो के तत्कालीन उपायुक्त केमो लोलेन भी शामिल हैं, जिन्होंने मुआवजा खाते के संयुक्त हस्ताक्षरकर्ता के रूप में धोखाधड़ी करके भुगतानों को अधिकृत करने और

सुगम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। जीरो के तत्कालीन जिला भूमि राजस्व एवं समाप्ति अधिकारी (डीएलआरएसओ) भरत लिंगु ने हेरफेर किए गए मुआवजा दावों को संसाधित और मंजूर किया। जूनियर इंजीनियर और संरचनात्मक मूल्यांकन दल के सदस्य टोको ताजे ने मनगढ़ंत और फर्जी संरचनात्मक मूल्यांकन तैयार करने में सहायता की।

टोको ताथ ने लाभार्थियों को धोखाधड़ी से शामिल करने में सहयोग दिया और जूनियर इंजीनियर कबाक भट्ट ने मध्यस्थ संस्थाओं के माध्यम से धन के गबन और हेरफेर में सहायता की। इसके अलावा, लिखा मज और तादर बाबिन को लाभार्थी के रूप में दिखाया गया है। इन्होंने वैध हक के बिना मुआवजे की बड़ी रकम प्राप्त की और जानबूझकर ऐसे धन के हेरफेर, निकासी और उपयोग में भाग लिया, जिससे अपराध की आय को छुपाने और उसे बेदाग संपत्ति के रूप में प्रदर्शित करने में सहायता मिली।

इससे पहले, ईडी ने 6 फरवरी को अरुणाचल प्रदेश और असम में कई परिसरों पर तलाशी अभियान चलाया था। इस दौरान लिखा माज से 2.40 करोड़ रुपए और तादर बाबिन से 22 लाख रुपए नकद जब्त किए गए थे। लगभग 1.19 करोड़ रुपए के बैंक खाते फ्रीज किए गए और आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य बरामद किए गए थे। इससे पहले, ईडी ने आरोपियों से जुड़े बैंक खातों में लगभग 3.95 करोड़ रुपये की धनराशि की पहचान कर उसे फ्रीज कर दिया था। इस मामले में कुर्की, जब्ती और फ्रीजिंग के माध्यम से अब तक प्राप्त अपराध की कुल आय लगभग 10.13 करोड़ रुपए है।

इससे पहले 12 मार्च को विशेष न्यायालय (पीएमएलए), युपिया में कबाक भट्ट के खिलाफ अभियोग शिकायत दर्ज की गई थी। न्यायालय ने 14 मार्च को इसका संज्ञान लिया। बाद की जांच में अपराध की अतिरिक्त आय की पहचान हुई और अन्य आरोपियों की संलिप्तता का पता चला, जिसके परिणामस्वरूप पीएमएलए के प्रावधानों के तहत अंततः जब्ती के लिए अपराध की आय के समतुल्य मूल्य को सुरक्षित करने के लिए वर्तमान कुर्की की गई है।

--आईएएनएस

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