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लापता परिजनों के इंतज़ार का दुखद अंत, Nepal में पुतले बनाकर किया गया अंतिम संस्कार

 

नेपाल में आई भीषण बाढ़ और तबाही के बाद अब एक बेहद भावुक और दर्दनाक तस्वीर सामने आ रही है. कई परिवारों ने अपने उन अपनों का प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार शुरू कर दिया है, जिनका बाढ़ के बाद से कोई पता नहीं चल पाया है. गांव और घर उजड़ चुके हैं और अपनों के लौटने की उम्मीद भी धीरे-धीरे खत्म होती जा रही है. ऐसे में परिवारों ने मान लिया है कि शायद उनके अपने अब इस दुनिया में नहीं हैं.

करीब एक सप्ताह पहले आई विनाशकारी बाढ़ ने कई गांवों और घरों को अपनी चपेट में ले लिया था. चीन-नेपाल सीमा के पास ऊंचाई वाले इलाके में ग्लेशियर टूटने के बाद बर्फीले पानी, चट्टानों और मलबे की तेज लहर नीचे की ओर आई, जिससे बड़े पैमाने पर तबाही हुई.

कुश घास से बनाए प्रतीकात्मक शव

काठमांडू के पशुपतिनाथ मंदिर में लापता लोगों के परिजन नेपाली हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार कर रहे हैं. जिन लोगों का शव नहीं मिला है, उनके लिए कुश घास से पुतले बनाए जा रहे हैं और इन्हें ही पार्थिव शरीर मानकर अंतिम संस्कार की रस्में पूरी की जा रही हैं.

एक महिला डोल्मा नेवार तामांग ने अपने लापता पति का प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार करते हुए कहा कि यह रस्म उन्होंने इसलिए की, ताकि उनके पति की आत्मा को मुक्ति मिल सके और जहां भी वह हों, शांति और खुशी से रहें. अंतिम संस्कार के दौरान उनका बेटा भी रोता नजर आया.

डोल्मा ने बताया कि आपदा की खबर देखने के बाद उन्होंने अपने पति को कई बार फोन किया, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया. आपदा के समय उनके पति चीन जा रहे थे.

हजारों लोग अब भी लापता

नेपाल में राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है. आपातकालीन टीमों ने अब तक बड़ी संख्या में शव बरामद किए हैं, जबकि हजारों लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं. कई दिनों तक राहत शिविरों और शवगृहों में अपने परिजनों को तलाशने के बाद कुछ परिवारों ने अब उम्मीद छोड़ दी है.

हालांकि, नेपाली बचाव दल अभी भी पूरी तरह उम्मीद नहीं छोड़ रहे हैं. खासकर हाइड्रोपावर परियोजनाओं की सुरंगों में फंसे लोगों को बचाने की संभावना तलाश की जा रही है. इन सुरंगों से अब तक शव ही बरामद हुए हैं, लेकिन राहतकर्मी लगातार मलबा हटाने, ड्रिलिंग और विस्फोट के जरिए रास्ता बनाने में जुटे हैं.

नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने भी उम्मीद जताई है कि लापता लोगों में से कुछ को जिंदा बचाया जा सकता है. उन्होंने कहा कि चमत्कार होते हैं और वह अभी पूरी तरह उम्मीद नहीं छोड़ना चाहते.

शवगृहों में जगह खत्म, अज्ञात शवों का सामूहिक दफन

भीषण आपदा के बाद नेपाल के शवगृहों में भी जगह कम पड़ने लगी है. ऐसे में अधिकारियों ने DNA जांच के लिए नमूने लेने के बाद उन सैकड़ों शवों को दफनाना शुरू कर दिया है, जिनकी पहचान अब तक नहीं हो सकी है.

बड़े-बड़े जेसीबी मशीनों की मदद से जमीन में लंबी कतारों में गड्ढे खोदे जा रहे हैं और अज्ञात शवों को सामूहिक रूप से दफन किया जा रहा है. यह दृश्य आपदा की भयावहता को साफ तौर पर दिखाता है.

भारत में भी मिले शव

नेपाल में आई इस तबाही का असर भारत तक भी देखने को मिला है. नदियों के बहाव के साथ बहकर आए कम से कम 17 शव भारत में भी बरामद किए गए हैं. बचाव और राहत अभियान के बीच लापता लोगों की तलाश अभी भी जारी है.