लैंबोर्गिनी हादसे में तंबाकू कारोबारी के बेटे शिवम मिश्रा गिरफ्तार, पिता के दावे की पुलिस ने खोली पोल
शहर के ग्वालटोली इलाके में हाल ही में हुए लैंबोर्गिनी कार हादसे का खुलासा पुलिस ने कर दिया है। इस हादसे में तंबाकू कारोबारी केके मिश्रा के बेटे शिवम मिश्रा मुख्य आरोपी हैं। पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, हादसा गंभीर था और इसे लेकर स्थानीय लोगों में काफी आक्रोश फैला हुआ था। इसके बाद पुलिस ने आरोपी की तलाश तेज कर दी थी। प्रारंभिक जानकारी में शिवम मिश्रा के पिता ने दावा किया था कि उनका बेटा दिल्ली में इलाज करा रहा है, लेकिन पुलिस ने जांच में पाया कि वह कानपुर में ही मौजूद है। इसके बाद पुलिस ने उसे कानपुर से ही पकड़ लिया।
हादसे की घटना ने इलाके में सनसनी मचा दी थी। हादसे के समय लैंबोर्गिनी कार की गति और recklessness के कारण कई लोगों ने अपनी जान का खतरा महसूस किया। पुलिस ने बताया कि वाहन चालक के व्यवहार और दुर्घटना की परिस्थितियों की जांच जारी है।
अधिकारी ने कहा कि आरोपी को कानपुर की स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां न्यायालय ने पुलिस को आगे की कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की विस्तृत जांच की जा रही है, ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि हादसा आकस्मिक था या लापरवाही से हुआ।
स्थानीय लोगों ने घटना के बाद सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार वाहनों के नियंत्रण की मांग उठाई है। उनका कहना है कि यदि नियमों का पालन नहीं कराया गया और तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण नहीं हुआ, तो ऐसे हादसे भविष्य में भी हो सकते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के लक्ज़री वाहनों की तेज गति और सार्वजनिक सड़क पर लापरवाही खतरनाक साबित हो सकती है। उन्होंने सरकार और स्थानीय प्रशासन से आग्रह किया है कि सड़क सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाए और युवाओं में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाई जाए।
हादसे के बाद केके मिश्रा ने मीडिया को बताया कि उनका बेटा घायल है और उसका इलाज चल रहा है। हालांकि पुलिस की कार्रवाई ने यह स्पष्ट कर दिया कि आरोपी कानपुर में ही था और पुलिस ने उचित कदम उठाकर कानून के अनुसार कार्रवाई की है।
अंततः, कानपुर के ग्वालटोली लैंबोर्गिनी हादसे में शिवम मिश्रा की गिरफ्तारी ने मामले को कानूनी दिशा दी है। पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है और अदालत में कार्रवाई जारी है। इस घटना ने सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार वाहनों की संवेदनशीलता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।