टीएमसी सिंबल फ्रीज मामले में सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई, चुनाव आयोग से 28 सितंबर तक मांगा जवाब
नई दिल्ली, 24 सितंबर (आईएएनएस)। टीएमसी के नाम और घास-फूल के चुनाव चिह्न को फ्रीज करने के चुनाव आयोग के फैसले के खिलाफ दायर पश्चिम बंगाल की पूर्व सीएम ममता बनर्जी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को सुनवाई हुई।
सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से सोमवार तक ये बताने को कहा है कि सिंबल फ्रीज करने को लेकर फाइनल फैसला कब तक ले लेगा। कोर्ट ने कहा कि आयोग को इस मामले का जल्द निपटारा करना चाहिए।
ममता बनर्जी गुट की तरफ से कहा गया कि अगर जल्द सिंबल पर आयोग फाइनल फैसला नहीं लेता है तो नवंबर में होने वाला कॉरपोरेशन का चुनाव प्रभावित होगा। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट 28 सितंबर को अगली सुनवाई करेगा। चुनाव आयोग ने अभी उपचुनाव को देखते हुए अंतरिम फैसला लिया है।
चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहना की बेंच ने ममता बनर्जी की याचिका पर सुनवाई की। ममता बनर्जी गुट की तरफ से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि वो चुनाव रोकने को नहीं कह सकते लेकिन उन्हें पार्टी का मूल नाम और चुनाव चिह्न बनाए रहने दिया जाए। कपिल सिब्बल ने कहा कि ये हमारे अस्तित्व का सवाल है और कोर्ट समुचित उपाय करे।
इस पर जस्टिस बागची ने कहा कि उपाय तो एक ही है कि निर्वाचन आयोग इस मसले का शीघ्र निर्णय करे। कपिल सिब्बल ने दलील दी कि चुनावी प्रक्रिया के बीच आयोग ने पार्टी के चुनाव चिह्न को फ्रीज कर दिया। आयोग हर रोज नई-नई मिसाल कायम कर रहा है। उन्होंने कहा कि अगर सुप्रीम कोर्ट इस आदेश में दखल नहीं देगा तो चुनाव आयोग आगे आने वाले चुनावों में भी ऐसा ही करेगा कि चुनाव के बीच सिंबल बदल देगा।
बता दें कि चुनाव आयोग की तरफ से पिछले दिनों ममता बनर्जी के गुट का नाम ममता टीएमसी और सिंबल फुटबॉल प्लेयर अलॉट किया गया है जबकि बागी गुट को डेमोक्रेटिक टीएमसी नाम और लिफाफा सिंबल अलॉट किया गया है। इसी अंतरिम फैसले के खिलाफ ममता बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। अब इस मामले में 28 सितंबर को अगली सुनवाई होगी, तब चुनाव आयोग को बताना होगा कि वह फाइनल फैसला कब तक लेगा।
--आईएएनएस
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