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टीएमसी प्रत्याशी के समर्थन में युसूफ पठान ने की रैली, पश्चिम बंगाल में ममता सरकार के आने का किया दावा

 

कोलकाता, 21 अप्रैल (आईएएनएस)। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) शासित पश्चिम बंगाल में चुनावी हलचल तेज है। इस बीच टीएमसी नेता युसूफ पठान ने मंगलवार को पार्टी प्रत्याशी संदीपान साहा के समर्थन में रैली की। इस दौरान उन्होंने प्रदेश में टीएमसी सरकार बनने का दावा दोहराया।

युसूफ पठान ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा, "टीएमसी को बहुत अच्छा जनसमर्थन मिल रहा है। संदीपान साहा काफी लोकप्रिय नेता हैं और उन्होंने काफी अच्छा काम किया है। उनके पिता ने भी बहुत अच्छे काम किए थे। वह तीन-चार बार से जनप्रतिनिधि चुने गए। निश्चित तौर पर संदीपन साहा की जीत होने वाली है, क्योंकि उन्हें क्षेत्र की जनता बहुत पसंद करती है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी विकास के बहुत काम किए हैं, जिससे लोगों का समर्थन मिल रहा है।"

टीएमसी प्रत्याशी संदीपान साहा ने कहा कि लोगों का 100 प्रतिशत समर्थन सीएम ममता बनर्जी के पक्ष में है। बंगाल में ममता दीदी, ममता दीदी में बंगाल बसता है। उनके बाहर और कोई विकल्प न किसी ने सोचा है और न ही सोचेंगे। उन्होंने एंटी-इनकंबेंसी के सवाल पर कहा, "विपक्ष के पास और कोई मुद्दा नहीं है, इसलिए वह एंटी-इनकंबेंसी की बात कर रहे हैं। उनके पास कोई मुद्दा होगा तो ही उसकी बात करेंगे। एंटी-इनकंबेंसी उसके खिलाफ होता है, जो सरकार काम नहीं करती है। हमारी सरकार हर पांच साल में एक बेंचमार्क बनाती है और उस मार्क को अचीव करके एक नया बेंचमार्क तैयार करती है। टीएमसी सरकार लोगों के लिए काम करती है, इसलिए यहां पर एंटी-इनकंबेंसी की कोई बात नहीं है।"

संदीपान साहा ने मतदाता सूची में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर कहा, "एसआईआर हर राज्य में हुआ, लेकिन जिस तरीके से बंगाल में हुआ, वह गलत है। उन लोगों का नाम काटा गया, जिन्होंने 2024 में वोट दिया था। वैध मतदाताओं के नाम काटे गए। अधिकतर लोगों के पास आईडी के रूप में वोटर कार्ड ही होता है, पासपोर्ट हर किसी के पास नहीं होता। संविधान में कहीं लिखा हुआ नहीं है कि वोट देने के लिए 10वीं पास करना होगा। वोटर कार्ड चुनाव आयोग जारी करता है और आधार कार्ड भारत सरकार देती है। ऐसे में वो अपनी ही आईडी को नहीं मान रहे हैं तो ऐसे में समझा जा रहा है कि लोगों के नाम जानबूझकर काटने के लिए एसआईआर की प्रक्रिया की गई।"

उन्होंने यूसीसी मुद्दे पर कहा, "यूसीसी राष्ट्रीय मुद्दा है। अगर केंद्र सरकार इसे लागू करना चाहती है तो इसके लिए बंगाल के चुनाव का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। वे 2014 और 2019 में सरकार में थे, अब 2024 में आए हैं तो बंगाल चुनाव में यूसीसी की बात क्यों कर रहे हैं? उनके पास मुद्दा नहीं है, इसलिए मनगंढत मुद्दा बना रहे हैं।"

टीएमसी प्रत्याशी ने कहा, "ईडी-सीबीआई की छापेमारी को बंगाल ने पहले भी देखा है। बहुत सारे मंत्रियों को ईडी-सीबीआई ने गिरफ्तार किया, लेकिन नतीजा क्या निकला? चुनाव के समय में ईडी बहुत ज्यादा एक्टिव हो गई है। चुनाव के दौरान एक दबाव बनाने के लिए केंद्र सरकार एजेंसी का दुरुपयोग कर रही है, यह साफ दिखता है। प्रदेश में एक बार फिर माटी-मानुष की सरकार बनेगी और ममता बनर्जी चौथी बार मुख्यमंत्री बनेंगी।"

--आईएएनएस

एससीएच/डीकेपी