टीएमसी नेताओं पर दिलीप घोष का हमला, बोले-कई नेता भ्रष्टाचार में लिप्त, अब हो रही कार्रवाई
कोलकाता, 15 जुलाई (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री दिलीप घोष ने बुधवार को एक बार फिर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेताओं पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि टीएमसी के कई नेता भ्रष्टाचार और अन्य गतिविधियों में शामिल रहे हैं, लेकिन पहले इन मामलों में शिकायतें सामने नहीं आती थीं। अब जब प्रदेश में भाजपा की सरकार है तो शिकायतें दर्ज हो रही हैं और जांच की प्रक्रिया भी आगे बढ़ रही है।
टीएमसी विधायक मदन मित्रा की पत्नी को ईडी के समन मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए दिलीप घोष ने कहा कि किसी भी व्यक्ति के खिलाफ शिकायत आ सकती है और शिकायत के आधार पर जांच करना संबंधित एजेंसियों का काम है। उन्होंने कहा कि पुलिस और जांच एजेंसियों की जिम्मेदारी है कि वह यह पता लगाएं कि आरोप सही हैं या गलत। उन्होंने कहा कि इन मामलों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, क्योंकि पिछली सरकार में हुई कुछ घटनाओं ने पूरे राज्य को शर्मसार किया है।
टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी को बिधाननगर कोर्ट में आवाज का नमूना देने के लिए बुलाए जाने के सवाल पर दिलीप घोष ने कहा कि कोर्ट की प्रक्रिया का पालन करना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि अगर किसी व्यक्ति के खिलाफ शिकायत आती है और जांच के दौरान कुछ सबूत सामने आते हैं तो संबंधित व्यक्ति को जांच में सहयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी अभिषेक बनर्जी ईडी और सीबीआई जैसी जांच एजेंसियों के सामने पेश हो चुके हैं, इसलिए यह एक सामान्य कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है।
ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर दिलीप घोष ने पिछली सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि कई गलत फैसले लिए गए थे, जिनकी अब समीक्षा और जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार वही कदम उठाएगी जो संविधान के अनुरूप होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि ओबीसी आरक्षण में बड़े स्तर पर अनियमितताएं हुई हैं और कई वास्तविक लाभार्थी इससे वंचित रह गए हैं।
दिलीप घोष ने कहा कि ओबीसी वर्गीकरण को लेकर कई सवाल उठे हैं। कुछ समुदायों को गलत तरीके से शामिल किया गया, जिसके कारण वास्तविक जरूरतमंद लोगों को नुकसान हुआ। उन्होंने कहा कि इस मामले में हाई कोर्ट की ओर से भी हस्तक्षेप किया गया है। आरक्षण व्यवस्था में उत्पन्न समस्याओं के कारण नौकरी, मेडिकल कॉलेज और इंजीनियरिंग कॉलेज में दाखिले जैसी प्रक्रियाएं प्रभावित हुई हैं। उन्होंने कहा कि सरकार इस समस्या का समाधान करने के लिए कदम उठा रही है।
फीफा वर्ल्ड कप को लेकर दिलीप घोष ने कहा, "जो पुरानी टीम जिन्होंने वर्ल्ड कप जीता है, फाइनल में खेला है, उनका अनुभव है और हमेशा वर्ल्ड कप में हम देखते हैं जो अनुभवी टीम है वही आगे जाती है। फर्स्ट राउंड में बहुत नए टीम बहुत अच्छा खेलते हैं लेकिन अंतिम समय पर देखिए, अर्जेंटीना बहुत अच्छा स्टार नहीं है। 39-40 साल का एक स्ट्राइकर गोल कर रहा है मेसी, अभी भी उसके नाम पर चल रहा है। इनका भी स्ट्राइकर था एम्बाप्पे, फ्रांस का। तो जितना संभव खींचा लेकिन स्पेन का एकदम नया यंग टीम है। टोटल फुटबॉल स्पेन ले आया था, उसका लाभ उनको मिला है। दो-दो बार, तीन-तीन बार फाइनल में गए। आज भी खेलें, मैं बोल दिया था यही टीम जाएंगे और हो ही गया है। इस बार दोनों अनुभवी टीम इंग्लैंड और अर्जेंटीना का मैच हम लोग देखेंगे, लेकिन पलड़ा लगता है अर्जेंटीना की तरफ भारी है।"
--आईएएनएस
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