×

टीएमसी चुनाव चिह्न पर फैसला चुनाव आयोग करेगा, पार्टी के लोग आपस में लड़ रहे हैं: सुमित्रो चटर्जी

 

बैरकपुर, 12 सितंबर (आईएएनएस)। भाजपा विधायक सुमित्रो चटर्जी ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के चुनाव चिह्न को लेकर चल रही चर्चा, अभिषेक बनर्जी के सहयोगी सुमित राय की सीआईडी हिरासत और ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भारत दौरे पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि टीएमसी के चुनाव चिह्न को लेकर अंतिम फैसला निर्वाचन आयोग करेगा। वहीं, उपचुनाव में भाजपा की जीत का दावा करते हुए उन्होंने कहा कि टीएमसी के भीतर चल रहे विवाद पर पार्टी को अपना ध्यान देना चाहिए।

भाजपा विधायक ने दिलीप घोष के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें कथित तौर पर यह सवाल उठाया गया था कि तृणमूल कांग्रेस का भविष्य क्या होगा और उसका चुनाव चिह्न किसके पास रहेगा। चटर्जी ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस के चुनाव चिह्न को लेकर फैसला निर्वाचन आयोग ही करेगा। भाजपा इस विषय पर पहले से कोई दावा या भविष्यवाणी नहीं कर सकती, क्योंकि यह चुनाव आयोग के अधिकार क्षेत्र का विषय है।

उन्होंने टीएमसी के भीतर संभावित विवाद की ओर इशारा करते हुए कहा कि पार्टी के लोग आपस में ही लड़ रहे हैं और आगे क्या होता है, यह देखना होगा।

उपचुनाव के नतीजों को लेकर पूछे गए सवाल पर सुमित्रो चटर्जी ने दावा किया कि भाजपा की जीत तय है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में परिणाम आने पर स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। टीएमसी से जुड़े आंतरिक विवाद का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यदि पार्टी के भीतर लोग आपस में लड़ रहे हैं तो उन्हें ऐसा करने दिया जाना चाहिए।

अभिषेक बनर्जी के पीए सुमित राय की गिरफ्तारी और उन्हें आठ दिन की सीआईडी हिरासत में भेजे जाने के सवाल पर सुमित्रो चटर्जी ने कहा कि जांच एजेंसी ने पूछताछ के लिए उन्हें हिरासत में लिया है। सीआईडी द्वारा गिरफ्तारी और हिरासत का उद्देश्य मामले से जुड़े तथ्यों को सामने लाना है। भाजपा विधायक ने दावा किया कि पूछताछ के दौरान सुमित राय से संबंधित मामले की सच्चाई सामने आ सकती है।

ब्रिक्स सम्मेलन में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भारत दौरे और भारत-चीन संबंधों में जारी मतभेदों पर सुमित्रो चटर्जी ने कहा कि चीन भारत की बढ़ती आर्थिक ताकत को समझ रहा है। भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है और भारतीय बाजार का महत्व भी बढ़ा है।

भाजपा विधायक ने कहा कि चीन खुद आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहा है और ऐसे में भारत के साथ संबंधों को बेहतर करना उसके हित में भी है। इसी वजह से चीन के राष्ट्रपति भारत आए हैं ताकि दोनों देशों के बीच संबंधों में सुधार की संभावनाएं तलाश की जा सकें।

चटर्जी ने दावा किया कि भारत और चीन के बीच कई मुद्दों पर मतभेद हैं, लेकिन दोनों देशों के बीच बातचीत और बेहतर संबंधों की संभावना को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। ब्रिक्स जैसे बहुपक्षीय मंच पर दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व की मुलाकात से द्विपक्षीय रिश्तों को आगे बढ़ाने का अवसर मिल सकता है।

--आईएएनएस

पीएसके