टीकमगढ़ में गरीबों के ठेले तोड़े गए, संपन्न लोगों के अतिक्रमण पर प्रशासन मौन : उमा भारती
भोपाल, 7 अप्रैल (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने टीकमगढ़ में प्रशासन की 'अतिक्रमण हटाओ मुहिम' पर अपनी नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि टीकमगढ़ में भाजपा का विधायक और नगरपालिका अध्यक्ष नहीं है, इसलिए यह कार्रवाई हो पाई, वरना हम ऐसा नहीं होने देते।
उनका कहना है कि टीकमगढ़ नगर पालिका की 'अतिक्रमण हटाओ मुहिम' से ठेलों और छोटे व्यवसाय वालों को काफी नुकसान हुआ है। यह अन्यायपूर्ण है। अगर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करनी भी है तो इसकी शुरुआत संपन्न लोगों से करनी चाहिए, न कि गरीब लोगों से जो इसी पर अपनी रोजी-रोटी के लिए निर्भर हैं।
उमा भारती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट किया कि अगर टीकमगढ़ में भाजपा का विधायक और नगरपालिका अध्यक्ष होता, तो यह कार्रवाई संभव नहीं होती। उनका कहना है कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि नगरपालिका और विधानसभा भाजपा के पास नहीं हैं, अन्यथा गरीबों के ठेले और छोटे व्यवसायों पर यह अन्यायपूर्ण कार्रवाई नहीं होती।
उमा भारती ने आरोप लगाते हुए कहा कि सोमवार को टीकमगढ़ में गरीब लोगों के ठेले या दुकानें हटाई गईं, लेकिन संपन्न और साधन संपन्न लोग, जो घर और रेस्टोरेंट अतिक्रमण नियमों को खुले आम तोड़ते हैं, प्रशासन उन्हें चुनौती नहीं दे पा रहा। भाजपा इस तरह की कार्रवाई का समर्थन नहीं करती है। उनका कहना है कि कोई भी सुधार समाज के समर्थ व्यक्ति पर सबसे पहले एवं गरीब व्यक्ति पर सबसे आखिरी में लागू हो, यही हमारी भाजपा का आदर्श है।
गौरतलब है कि सोमवार को टीकमगढ़ नगर पालिका ने सिविल लाइन इलाके में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करते हुए कई ठेले और रेहड़ियां हटाई थीं। यह कार्रवाई छोटे विक्रेताओं की रोजमर्रा की कमाई पर सीधा असर डालती है, जिससे उनमें नाराजगी फैल गई। इस कार्रवाई की जानकारी मिलते ही उमा भारती भी मौके पर पहुंचीं और इसका विरोध जताया।
वहीं, इसी नाराजगी और विरोध के संकेत के रूप में उमा भारती मंगलवार सुबह सीधे एक पोहा ठेले पर पहुंचीं। उन्होंने प्रतीकात्मक रूप से पोहा बेचकर अपना विरोध जताया।
--आईएएनएस
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