"इस युद्ध को अब खत्म होना चाहिए" वीडियो में जाने न्यूयॉर्क मेयर जोहरान ममदानी का ईरान युद्ध पर बड़ा बयान
न्यूयॉर्क सिटी के मेयर Zohran Mamdani ने ईरान युद्ध को लेकर बड़ा बयान देते हुए इसके तत्काल अंत की मांग की है। उन्होंने कहा कि किसी भी युद्ध की सबसे बड़ी कीमत आम नागरिकों को चुकानी पड़ती है और मौजूदा संघर्ष में भी यही हो रहा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट साझा करते हुए ममदानी ने युद्ध के मानवीय और सामाजिक प्रभावों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष अब समाप्त होना चाहिए, क्योंकि लगातार बढ़ती हिंसा का खामियाजा निर्दोष लोग भुगत रहे हैं।
"जिस युद्ध के लिए किसी ने वोट नहीं किया"
अपने पोस्ट में ममदानी ने लिखा कि आज से तीन महीने पहले एक ऐसा युद्ध शुरू हुआ था, जिसके लिए किसी ने वोट नहीं किया था। लेकिन इसकी कीमत उन लोगों ने चुकाई, जिनकी इस फैसले में कोई भागीदारी या आवाज नहीं थी। उन्होंने कहा कि युद्ध के दौरान आम नागरिक सबसे अधिक प्रभावित होते हैं और उनकी सुरक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
हजारों नागरिकों की मौत का दावा
मेयर ने कहा कि इस संघर्ष में हजारों नागरिकों की जान जा चुकी है। उनके अनुसार, युद्ध ने न केवल लोगों की जिंदगी छीनी है, बल्कि लाखों परिवारों को भय, असुरक्षा और विस्थापन का सामना करने के लिए मजबूर कर दिया है।
उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी सैन्य संघर्ष का समाधान अंततः बातचीत और कूटनीति के माध्यम से ही संभव है। इसलिए सभी पक्षों को हिंसा रोककर शांति की दिशा में कदम बढ़ाने चाहिए।
13 अमेरिकी सैनिकों का भी जिक्र
जोहरान ममदानी ने अपने बयान में 13 अमेरिकी सैनिकों की मौत का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ये सैनिक अब कभी अपने परिवारों के पास वापस नहीं लौट पाएंगे। उनके मुताबिक युद्ध केवल युद्ध क्षेत्र तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसके प्रभाव सैनिकों के परिवारों और समाज पर भी लंबे समय तक पड़ते हैं।
शांति और कूटनीति पर दिया जोर
न्यूयॉर्क मेयर ने कहा कि दुनिया को और अधिक संघर्ष नहीं, बल्कि संवाद और शांति की आवश्यकता है। उन्होंने नेताओं से अपील की कि वे युद्ध को बढ़ाने के बजाय ऐसे समाधान तलाशें, जिससे आम लोगों की जान बचाई जा सके और क्षेत्र में स्थिरता स्थापित हो सके।ममदानी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान से जुड़े घटनाक्रमों और क्षेत्रीय तनाव को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार बहस जारी है। उनके बयान को युद्ध विरोधी रुख और मानवीय दृष्टिकोण के रूप में देखा जा रहा है।