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लोकसभा में 'सरसा' शब्द पर मचा सियासी बवाल, वीडियो में जाने महुआ मोइत्रा की टिप्पणी से गरमाया सदन

 

लोकसभा में मंगलवार को 'पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026' पर चर्चा के दौरान एक बार फिर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। पेपर लीक रोकने से जुड़े इस अहम विधेयक पर बहस के बीच ऐसा घटनाक्रम हुआ जिसने सदन का माहौल गरमा दिया। तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद अभिषेक बनर्जी के बोलने के दौरान हुए शोर-शराबे के बीच टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा की एक टिप्पणी चर्चा का विषय बन गई।

अभिषेक बनर्जी के भाषण के दौरान हुआ हंगामा

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जैसे ही अभिषेक बनर्जी ने विधेयक पर अपनी बात रखनी शुरू की, सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के सांसदों के बीच शोर-शराबा बढ़ गया। लगातार हो रहे व्यवधान के बीच महुआ मोइत्रा अपनी सीट से खड़ी हुईं और पीठासीन अधिकारी से कहा, "इनको बंद कराइए, सरसा होने दीजिए, सरसा (चर्चा)।"महुआ के इस बयान के बाद सदन में कुछ समय के लिए अलग तरह का माहौल बन गया और उनकी टिप्पणी को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गईं।

'सरसा' शब्द को लेकर शुरू हुई बहस

संसद की कार्यवाही पर नजर रखने वालों का कहना है कि "सरसा" शब्द का इस्तेमाल केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू और उस समय पीठासीन अधिकारी की भूमिका निभा रहे दिलीप सैकिया चर्चा के दौरान करते रहे हैं। दोनों के हिंदी उच्चारण का तरीका थोड़ा अलग माना जाता है।महुआ मोइत्रा की टिप्पणी के बाद कुछ सांसदों और राजनीतिक हलकों में यह दावा किया गया कि उन्होंने इसी उच्चारण की नकल करते हुए व्यंग्य किया और दोनों नेताओं का मजाक उड़ाया। हालांकि, महुआ मोइत्रा की ओर से इस टिप्पणी के उद्देश्य को लेकर तत्काल कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया।

पेपर लीक विधेयक पर जारी रही बहस

हंगामे के बावजूद सदन में 'पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026' पर चर्चा जारी रही। सरकार का कहना है कि संशोधित कानून प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और संगठित नकल जैसे अपराधों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करेगा। वहीं विपक्ष सरकार से कानून के प्रभावी क्रियान्वयन और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने को लेकर सवाल उठा रहा है।

राजनीतिक बयानबाजी के बीच महत्वपूर्ण विधेयक

पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दे पर चर्चा के दौरान भी सदन में कई बार राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और तीखी टिप्पणियां देखने को मिलीं। ऐसे में महत्वपूर्ण विधेयक पर गंभीर बहस के साथ-साथ राजनीतिक तकरार भी संसद की कार्यवाही का प्रमुख हिस्सा बनी रही।अब इस विधेयक पर चर्चा पूरी होने के बाद सदन में होने वाले मतदान और सरकार द्वारा पेश किए जाने वाले अंतिम प्रावधानों पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। वहीं, महुआ मोइत्रा की टिप्पणी को लेकर शुरू हुई राजनीतिक बहस भी आने वाले दिनों में जारी रह सकती है।